अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर उनकी हत्या की कोशिश में ईरान का हाथ पाया गया तो उस देश को पूरी तरह तबाह कर दिया जाएगा. एक टीवी इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्होंने अपने सलाहकारों को बहुत साफ निर्देश दिए हैं कि ऐसी किसी भी घटना की सूरत में ईरान को धरती के चेहरे से मिटा दिया जाए. ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच तनाव अपने चरम पर है. राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि अगर ईरान ने उनके खिलाफ कोई साजिश रची तो उसे ऐसी कीमत चुकानी होगी कि वहां कुछ भी बाकी नहीं बचेगा.
तेहरान ने भी राष्ट्रपति ट्रंप को दी चेतावनी
ट्रंप की इस धमकी के जवाब में ईरान ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया है और अमेरिका को गंभीर अंजाम भुगतने की बात कही है. तेहरान ने राष्ट्रपति ट्रंप को चेतावनी दी है कि वे उनके सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को निशाना बनाने वाली किसी भी कार्रवाई से दूर रहें. ईरान की सशस्त्र सेना के प्रवक्ता अबोलफजल शेकरची ने कहा कि अगर हमारे नेता की तरफ हमले का कोई भी हाथ बढ़ा तो हम न केवल उस हाथ को काट देंगे बल्कि उनकी दुनिया में आग लगा देंगे. ईरान का यह तीखा रुख ट्रंप के उस बयान के बाद आया है जिसमें उन्होंने खामेनेई के चार दशक पुराने शासन को खत्म करने की बात कही थी.
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध का खतरा
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ईरान को पूरी तरह खत्म करने की बात कही है क्योंकि इससे पहले भी वह ईरान पर 'मैक्सिमम प्रेशर' यानी अधिकतम दबाव बनाने के आदेश दे चुके हैं. ट्रंप ने साफ तौर पर पत्रकारों से कहा था कि अगर ईरान ने उनके जीवन को खतरे में डाला तो उसे नेस्तनाबूद कर दिया जाएगा. अमेरिका और ईरान के बिगड़ते रिश्तों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध का खतरा बढ़ा दिया है. ट्रंप की नीतियां और उनकी सीधी धमकियां यह बताती हैं कि वे ईरान के मुद्दे पर किसी भी तरह के समझौते के मूड में नहीं हैं और जरूरत पड़ने पर बड़ी सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार बैठे हैं.
ईरान को मिटाने के निर्देश
हालांकि ट्रंप ने ईरान को मिटाने के निर्देश जारी किए हैं लेकिन अमेरिकी संविधान के अनुसार उनके बाद सत्ता संभालने वाला व्यक्ति इन निर्देशों को मानने के लिए कानूनी रूप से बाध्य नहीं होगा. अगर ट्रंप के साथ कोई अनहोनी होती है तो उपराष्ट्रपति जेडी वेंस राष्ट्रपति का पद संभालेंगे और यह उनका फैसला होगा कि वे अपने पूर्ववर्ती के निर्देशों का पालन करते हैं या नहीं. फिलहाल इन बयानों ने वैश्विक स्तर पर राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर दी है और पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह जुबानी जंग किसी बड़े सैन्य टकराव में तब्दील होगी. ट्रंप के सख्त तेवरों ने ईरान के साथ कूटनीतिक बातचीत के सारे रास्ते लगभग बंद कर दिए हैं.