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भगवान विष्णु की प्रतिमा पर क्यों चलाया बुलडोजर? भारत की आपत्ति के बाद थाईलैंड सरकार ने दी सफाई

मूर्ति तोड़ने की यह घटना दोनों पड़ोसियों के बीच दो हफ्ते चले सैन्य संघर्ष के बाद हुई, जिसमें थाईलैंड में 23 लोग मारे गए, जिनमें से ज्यादातर सैनिक थे, वहीं कंबोडिया में 21 नागरिकों की मौत हुई.

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थाईलैंड द्वारा देश में स्थित भगवान विष्णु की प्रतिमा को बुलडोजर से गिराने पर भारत की कड़ी आपत्ति के बाद अब थाई सरकार द्वारा सफाई दी गई है. कहा गया कि मूर्ति बॉर्डर पर सिर्फ एक ‘सजावटी संरचना’ थी. मूर्ति को गिराने का वीडियो सामने आने के बाद भारत ने इस कार्रवाई की आलोचना की. इस पर गुरुवार को थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुटिन चार्नविराकुल ने कहा कि ‘टूटी मूर्ति सैनिकों की जान या अंगों से तुलना नहीं की जा सकती.’

थाई सरकार ने सफाई में क्या कहा?


थाई सरकार ने स्पष्ट किया कि यह कोई धार्मिक स्थल नहीं था, बल्कि थाई-कंबोडिया बॉर्डर के विवादित इलाके में सुरक्षा और इलाके पर नियंत्रण के लिए हटाई गई थी, ये कार्रवाई किसी धर्म का अपमान करने के इरादे से नहीं की गई थी. बयान में कहा गया कि वीडियो वायरल होने से गलतफहमियां हुईं, जिसके लिए खेद है, लेकिन यह रजिस्टर्ड धार्मिक साइट नहीं थी.

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कंबोडिया ने किया ये दावा


गौरतलब है कि भारत ने बुधवार को विदेश मंत्रालय से तीखा बयान जारी कर इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया. भारत की तरफ से कहा गया कि क्षेत्रीय दावों के बावजूद ऐसी अपमानजनक हरकतें हिंदू-बौद्ध भक्तों की भावनाओं को चोट पहुंचाती हैं, जो हमारी साझा सभ्यता की विरासत हैं. कंबोडिया के प्राह विहार प्रांत के प्रवक्ता ने भी इसकी निंदा की और दावा किया कि मूर्ति उनके क्षेत्र के अन सेस इलाके में थी. कंबोडिया ने थाई सेना पर पुराने मंदिरों को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया, जिसे बैंकॉक ने खारिज कर दिया.

कंबोडिया और थाईलैंड विवाद

आपको बता दें कि यह घटना दोनों पड़ोसियों के बीच दो हफ्ते चले सैन्य संघर्ष के बाद हुई, जिसमें थाईलैंड में 23 लोग मारे गए, जिनमें से ज्यादातर सैनिक थे, वहीं कंबोडिया में 21 नागरिकों की मौत हुई. दोनों देश एक-दूसरे पर संघर्ष भड़काने और नागरिकों को निशाना बनाने का इल्जाम लगाते रहे. गूगल मैप्स से साफ है कि मूर्ति बॉर्डर से थोड़ी दूर थी, लेकिन पुराना सीमा विवाद फिर गरमाया.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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