बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की शानदार जीत के बाद तारिक रहमान प्रधानमंत्री की कुर्सी संभालने जा रहे हैं. वो मंगलवार यानी 17 फरवरी को बांग्लादेश के नए पीएम के रूप में शपथ लेने वाले हैं. उनके शपथ ग्रहण समारोह को लेकर देश-विदेश में काफी चर्चा है. इस मौके पर दक्षिण एशियाई देशों के कई बड़े नेताओं को न्योता भेजा गया है. तारिक रहमान के समर्थकों में उनकी शपथ को लेकर उत्साह का माहौल है. शपथ ग्रहण समारोह ढाका में आयोजित किया जाएगा. इस बार कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी है, क्योंकि कई विदेशी मेहमानों के आने की संभावना है. सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि समारोह शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से पूरा हो सके.
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भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नजर
BNP की ओर से भारत, नेपाल, श्रीलंका, भूटान और बाकी दक्षिण एशियाई देशों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है. माना जा रहा है कि कुछ देश हाई लेवल डेलीगेशन भेज सकते हैं. इससे बांग्लादेश की नई सरकार की विदेश नीति और पड़ोसी देशों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे. तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर भी सबकी नजर रहेगी. दोनों देशों के बीच व्यापार, सीमा सुरक्षा और सांस्कृतिक रिश्ते अहम रहे हैं. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नई सरकार इन रिश्तों को संतुलित और मजबूत बनाए रखने की कोशिश करेगी.
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जनता को नई उम्मीदें
तारिक रहमान ने चुनाव के दौरान रोजगार, अर्थव्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने का वादा किया था. अब शपथ के बाद सबसे बड़ी चुनौती इन वादों को जमीन पर उतारने की होगी. आम लोग नई सरकार से स्थिरता और विकास की उम्मीद लगाए बैठे हैं. कुल मिलाकर, सोमवार को होने वाला शपथ ग्रहण समारोह बांग्लादेश की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है.
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