अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 'बोर्ड ऑफ पीस' लॉन्च के ठीक 24 घंटे बाद अमेरिका-ईरान संबंध फिर गरमाए. वैश्विक शांति का दावा करने वाले इस संगठन के बाद अमेरिका ने खाड़ी क्षेत्र में सैन्य जमावड़ा तेज कर दिया. गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर और हमलावर पनडुब्बी से लैस यूएसएस अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप अरब सागर में फारस की खाड़ी की ओर बढ़ रहा. यहां तक कि ट्रैकिंग से बचाव के लिए दक्षिण चीन सागर से मोड़े गए इस बेड़े के ट्रांसपोंडर भी बंद कर दिए हैं.
इजरायल भी हुआ एक्टिव
F-15E स्ट्राइक ईगल जेट्स पश्चिम एशिया में तैनात हो चुके, जबकि केसी-135 रिफ्यूलर टैंकर लंबी दूरी हमलों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं. थाड एवं पैट्रिएट एंटी-मिसाइल सिस्टम इजरायल-कतर जैसे सहयोगियों में एक्टिव हैं. अमेरिका का यह कदम ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों से जुड़ा माना जा रहा है. बता दें कि ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार में अब तक देश में 3117 से ज्यादा मौतें हुईं, जबकि मानवाधिकार संगठन 20000 से अधिक मौतों का दावा करता है.
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डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी अमेरिका को चेतावनी
इस बीच डोनाल्ड ट्रेप ने ईरान से हिंसा रोकने की चेतावनी दी और दावा किया कि अमेरिकी दबाव के चलते ईरान में फांसी की साजिशें रुकीं हैं. जून 2025 के 12 दिवसीय युद्ध के बाद लापता 10 परमाणु हथियारों के बराबर 400 किलो समृद्ध यूरेनियम को लेकर ईरान का रूख तनाव बढ़ा रहा. वहीं, ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने अमेरिका-इजरायल पर प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया.