Pakistan: पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के अध्यक्ष इमरान की गिरफ्तारी के बाद भड़की हिंसा को लेकर शनिवार को प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने लाहौर में अफसरों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को जिन्ना हाउस, सैन्य और नागरिक प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ और आगजनी के लिए जिम्मेदार सभी अपराधियों और हमलावरों को 72 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने का आदेश दिया है। उन्होंने इमरान समर्थकों को आतंकी तक करार दे दिया।
पीएम शरीफ ने आगे कहा कि हमें लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तेजी से कार्रवाई करने की आवश्यकता है। उन्होंने सेफ सिटी परियोजना को नुकसान पहुंचने पर खेद जाहिर किया। शहबाज शरीफ ने पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी से कहा कि तोड़फोड़ का कोई भी कार्य अस्वीकार्य है और गलत काम करने वालों को गिरफ्तार किया जाए और उन्हें सजा दिलाएं।
आतंकवादी रोधी अदालतें बढ़ाने का दिया निर्देश
शरीफ ने कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए सेफ सिटी सिस्टम को आपराधिक लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ा है। उन्होंने सूबे में आतंकवाद रोधी अदालतों की संख्या बढ़ाने के भी निर्देश दिए, जहां इन सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेजी से शुरू हो।
पीएम शरीफ ने कहा कि यह स्थिति करो या मरो वाली है। मातृभूमि के खिलाफ इस तरह की दुश्मनी दिखाने वाले असली दोषियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और संबंधित कानूनों के तहत आतंकवाद विरोधी अदालतों में पेश किया जाना चाहिए।
कोर कमांडर हाउस का किया दौरा
शहबाज शरीफ और पंजाब के कार्यवाहक मुख्यमंत्री मोहसिन नकवी ने क्षतिग्रस्त लाहौर कोर कमांडर हाउस का दौरा किया। उन्होंने घायल कर्मियों से मिलने के लिए सर्विसेज अस्पताल का भी दौरा किया।
10 मई को गिरफ्तार हुए थे इमरान खान
पूर्व पीएम इमरान खान को इस्लामाबाद हाईकोर्ट से 10 मई को सुरक्षाबलों ने गिरफ्तार कर लिया था। उन पर 50 अरब रुपए के घोटाले का आरोप है। यह घोटाला अल-कादिर ट्रस्ट यूनिवर्सिटी से जुड़ा है। कार्यकर्ताओं ने पूरे देश में बवाल किया। इससे सरकारी संपत्तियों को भारी नुकसान हुआ है। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान के रेडियो सेंटर को भी आग के हवाले कर दिया। हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई, जबकि तमाम लोग घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सेना मुख्यालयों को भी निशाना बनाया।
हाईकोर्ट ने इमरान को दो हफ्ते के लिए दी जमानत
उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने शुक्रवार को इमरान खान को 9 मई के बाद दायर किसी भी मामले में गिरफ्तार नहीं करने का आदेश दिया। अदालत ने अल-कादिर ट्रस्ट मामले में पूर्व प्रधान मंत्री को दो सप्ताह के लिए जमानत भी दे दी। यह फैसला पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा आईएचसी परिसर से इमरान खान की गिरफ्तारी को अवैध और गैरकानूनी करार दिए जाने के एक दिन बाद आया।
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