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न्यूक्लियर टेस्ट या भूकंप का झटका? 4.2 तीव्रता से हिली इजराइल की धरती, ईरान के खड़े हुए कान

भूकंप के ये झटके नेगेव क्षेत्र, डेड सी के आसपास के इलाके, बेयरशेबा और यहां तक कि यरूशलेम के कुछ हिस्सों में महसूस हुए. स्थानीय लोगों के अनुसार झटके महज एक-दो सेकंड तक चला, अब तक किसी भी तरह के जानमाल की हानि और बड़े नुकसान की खबर नहीं है.

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ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन और अमेरिका-इजराइल को लेकर तेहरान सरकार के विवाद के बीच इजराइल के दक्षिणी नेगेव रेगिस्तान में गुरुवार सुबह नौ बजे 4.2 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया. प्राप्त जानकारी के मुताबिक इसका सेंटर डिमोना शहर के करीब था, जो देश का सबसे सीक्रेट न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर शिमोन पेरेस नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर का केंद्र है. भूकंप के झटकों से सायरन बज उठे और स्थानीय लोगों में हलचल मच गई. ईरान संकट क बीच भूकंप के झटके महसूस होते ही सोशल मीडिया पर तुरंत न्यूक्लियर टेस्ट की अटकलें जोर पकड़ने लगीं. इन अफवाहों के बीच ईरान में भी इजराइल द्वारा न्यूक्लियर टेस्ट की आशंकाएं जताई जाने लगीं.

कई इलाकों में महसूस किए गए झटके


मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये झटके स्थानीय समयानुसार सुबह नौ बजे आया, जिसकी गहराई सिर्फ 10 किलोमीटर थी. केंद्र डेड सी रिफ्ट वैली में डिमोना से लगभग 19 किलोमीटर दूर था. भूकंप के ये झटके नेगेव क्षेत्र, डेड सी के आसपास के इलाके, बेयरशेबा और यहां तक कि यरूशलेम के कुछ हिस्सों में महसूस हुए. स्थानीय लोगों के अनुसार झटके महज एक-दो सेकंड तक चला, अब तक किसी भी तरह के जानमाल की हानि और बड़े नुकसान की खबर नहीं है. डेड सी रिफ्ट वैली टेक्टॉनिक प्लेटों की सीमा पर स्थित होने से यहां भूकंप सामान्य हैं, मगर इसकी समयबद्धता और स्थान ने सवाल खड़े कर दिए.

यह भी पढ़ें: डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.19 करोड़ की ठगी, IFSO ने किया इंटर-स्टेट साइबर गैंग का भंडाफोड़

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न्यूक्लियर टेस्ट की अफवाहें तेज


न्यूक्लियर टेस्ट की अफवाहें तब तेज हुईं जब डिमोना के न्यूक्लियर रिएक्टर की गोपनीयता सामने आई. एक्सपर्ट का मानना है कि इजराइल ने 1960 के दशक से यहीं प्लूटोनियम उत्पादन कर परमाणु हथियार विकसित किए हैं. देश ने कभी परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) में शामिल होने से इनकार किया है और ‘स्ट्रैटेजिक एम्बिग्युटी’ नीति अपनाए रखी है. भूकंप के झटके ऐसे समय महसूस किए गए जब उसी समय पूरे इजराइल में स्कूलों में राष्ट्रीय आपातकालीन ड्रिल चल रही थी, जिसने अफवाहों को और बढ़ावा दिया.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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