Anti Trump Protests In America: ईरान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिकी सेना के हमले के बाद ट्रंप की खिलाफत शुरू हो गई है। पूरे अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। दुनियाभर में ट्रंप की ईरान पर कार्रवाई को लेकर 2 गुट बंटे हुए हैं। कुछ देशों ने कार्रवाई को सही ठहराया तो कुछ देशों ने कार्रवाई की निंदा की। अमेरिका में भी 2 गुट हैं और जो खिलाफत कर रहे हैं, वे अब सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन होने की आशंका के चलते अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया है।
कहां-कहां हो रहे ट्रंप के खिलाफ प्रदर्शन?
हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, व्हाइट हाउस के बाहर और न्यूयॉर्क जैसे प्रमुख शहरों में ट्रंप के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। प्रदर्शन में जुट रही भीड़ ‘ नो वार ऑन ईरान’ के नारे लगा रहे हैं। अमेरिका में ट्रंप के खिलाफ 50501 आंदोलन शुरू हुआ है, जिसका मतलब है अमेरिका के सभी 50 राज्यों में ट्रंप के खिलाफ 50 विरोध प्रदर्शन करने हैं। प्रदर्शन के लिए आंदोलन के तहत वर्करों को एकजुट किया जा रहा है। देशभर में कई शहरों और राज्यों में विरोध प्रदर्शन किए जाने की योजना है।
इन राज्यों और शहरों में होंगे प्रदर्शन
- एशविले, उत्तरी कैरोलिना
- बाल्टीमोर
- सिनसिनाटी, ओहियो
- कोलंबस, ओहायो
- लॉस एंजिल्स
- लुइसविले, केंटकी
- मैनचेस्टर, न्यू हैम्पशायर
- मिलवौकी
- न्यूयॉर्क शहर
- प्रोविडेंस, रोड आइलैंड
- रिचमंड, वर्जीनिया
- सैन मार्को, टेक्सास
- सिएटल
- स्प्रिंगफील्ड, मिसौरी
- वाशिंगटन डीसी
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ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर किया हमला
बता दें कि 21 जून की देर रात अमेरिका ने ईरान के 3 परमाणु ठिकानों पर हमला किया। अमेरिका ने ईरान की फोर्डो न्यूक्लियर साइट पर बंकर बस्टर बम गिराए। नतांज और इस्फहान न्यूक्लियर साइट पर मिसाइलें दागी। अमेरिका के हमले तीनों परमाणु ठिकानों से न्यूक्लियर रेडिएशन तो नहीं हुआ, लेकिन तीनों ठिकानों को काफी नुकसान पहुंचा। इस हमले के बाद दुनिया के कई देश राष्ट्रपति ट्रंप की निंदा कर चुके हैं, क्योंकि इजरायल-ईरान की जंग में अमेरिका की एंट्री ने कई देशों के लिए टेंशन बढ़ा दी है। अगर अमेरिका ने फिर ईरान पर हमला किया तो हालात खराब हो सकते हैं। तीसरा विश्व युद्ध छिड़ने के आसार हैं। इसलिए दुनियाभर के कई देश अमेरिका के जंग से बाहर रहने का कह रहे हैं। अमेरिका को सीजफायर कराने की सलाह दी गई है।
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