गलत तरीके से चुनाव जीतने का आरोप
बता दें कि मारिया को मादुरो के शासन ने चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया था। बाद में विपक्ष की ओर से एडमंडो गोंजालेज को उतारा गया था। विपक्ष का दावा है कि गोंजालेज ने 70 फीसदी वोट हासिल किए हैं। लेकिन कभी बस चालक रहे मादुरो फिर से वेनेजुएला के 'प्रमुख ड्राइवर' की सीट पर मजबूती से नजर आ रहे हैं। जो तीसरी बार राष्ट्रपति कार्यकाल के लिए तैयार दिख रहे हैं। आपको बता दें कि उनका जन्म कराकास के रोमन कैथोलिक परिवार में हुआ है। पिता मजदूरी करते थे। प्रमुख ट्रेड यूनियनिस्ट के तौर पर उनकी पहचान थी।
मादुरो पहले बस चालक थे। जो बाद में दिवंगत मादुरो ह्यूगो शावेज की यूनाइटेड सोशलिस्ट पार्टी के लिए काम करने लगे। 2000 में वे पहली बार जीतकर सांसद बने। धीरे-धीरे वे शावेज के राइट हैंड बन गए। वे चे ग्वेरा के समर्थक माने जाते हैं। इन्होंने चुपचाप सरकार का तख्तापलट कर दिया। जिसके बाद मादुरो 2005-06 के बीच नेशनल असेंबली अध्यक्ष रहे। बाद में 2006-2013 तक विदेश मंत्री का पद संभाला। 2012-13 में वे उपराष्ट्रपति घोषित किए गए। लेकिन शावेज की कैंसर से मौत के बाद वे राष्ट्रपति बने। बाद में विशेष चुनाव भी जीता। पूर्व बस चालक के लिए इस तेल समृद्ध देश की सत्ता संभालना आसान नहीं था।