अमेरिका और इजरायल के साथ जारी जंग के बीच ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का पहला बयान आया है. उन्होंने गुरुवार को देश के नाम अपना पहला संदेश जारी किया. इस दौरान उन्होंने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि 'होर्मुज स्ट्रेट बंद ही रहना चाहिए.' खामेनेई ने एक रिकॉर्डेड बयान में चेतावनी दी कि अगर इलाके में अमेरिकी मिलिट्री बेस चालू रहे तो उन पर हमले हो सकते हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान पड़ोसियों के साथ दोस्ताना संबंध रखने में भरोसा करता है.

उन्होंने कहा, 'इलाके में सभी अमेरिकी बेस तुरंत बंद कर दिए जाने चाहिए, नहीं तो उन पर हमला किया जाएगा.'

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यह बयान ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित किया गया. इस बयान को उन्होंने खुद नहीं, बल्कि एक टीवी प्रेजेंटर ने पढ़ा.

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उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने नागरिकों की हत्या का बदला लेने में नहीं हिचकिचाएगा. उन्होंने खास तौर पर दक्षिणी ईरानी शहर मिनाब में हुए हमले का जिक्र किया, जहां युद्ध के शुरुआती दिन एक मिसाइल हमले में लड़कियों का एक स्कूल तबाह हो गया था. खामेनेई ने कहा, 'हम ईरानियों के खून का बदला लेने में पीछे नहीं हटेंगे.'

बता दें, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान पर हमला कर दिया था. दोनों देश लगातार ईरान पर हमले कर रहे हैं. इन हमलों में अली खामेनेई की हत्या हो गई थी. इसके बाद मोजतबा खामेनेई को ईरान का नए सुप्रीम लीडर बनाया गया. अली खामेनेई की हत्या के बाद पलटवार करते हुए ईरान ने मिडिल ईस्ट के उन देशों पर हमला किया, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे थे. इसके साथ ही ईरान ने इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर भी मिसाइलें दागीं.

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इसके साथ ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट रूट बंद कर दिया था. दुनिया के तेल खपत का करीब पांचवां हिस्सा इसी रूट से सप्लाई होता है. इस रूट के बंद होने से कई देशों में ऑयल क्राइसिस जैसे हालात पैदा हो गए. इस रूट से निकलने वाले जहाजों पर ईरान मिसाइलें बरसा रहा है.