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Killer Crash! एक हाथ में मोबाइल दूसरे में लाफिंग इनहेलर, स्टीयरिंग छोड़ 157 की स्पीड पर चला रहा था मर्सिडीज, 17 साल की लड़की की हुई मौत

Mobile in one hand laughing inhaler in the other driver killed crushed girl: इंग्लैंड के मैनचेस्टर में ‘मर्सिडीज A18’ कार को लापरवाही से चलाने की वजह से एक शख्स ने 17 साल की लड़की की जान ले ली। द सन के अनुसार ये शख्स मर्सिडीज कार को दोनों हाथ छोड़कर 157 प्रति घंटे की स्पीड […]

Mobile in one hand laughing inhaler in the other driver killed crushed girl: इंग्लैंड के मैनचेस्टर में 'मर्सिडीज A18' कार को लापरवाही से चलाने की वजह से एक शख्स ने 17 साल की लड़की की जान ले ली। द सन के अनुसार ये शख्स मर्सिडीज कार को दोनों हाथ छोड़कर 157 प्रति घंटे की स्पीड से चला रहा था। यह दिल दहला देने वाला हादसा पिछले साल 10 जनवरी को हुआ था। अब इस मामले में कोर्ट ने आरोपी शख्स को आठ साल आठ महीने की सजा सुनाई है।

स्टीयरिंग छोड़ 157 की स्पीड पर चला रहा था मर्सिडीज

दरअसल, रोहेल जिलानी नाम का ये शख्स अपनी मर्सिडीज कार को बिना स्टीयरिंग संभाले 157 प्रति घंटे की स्पीड से दौड़ा रहा था। साथ में एक हाथ से मोबाइल में स्नैपचैट पर वीडियो बना रहा था और दूसरे हाथ से लाफिंग इनहेलर से हंसाने वाली गैस सूंघ रहा था। इसी दौरान कार अचानक क्रैश हो गई, इसमें बैठी 17 साल की नादिया यूसुफ की मौत हो गई। जबकि रोहेल और उसके दोस्त शफी सूफी को गंभीर चोटें आई थी।

17 साल की लड़की की हुई मौत

नादिया की मौत के बाद उनकी मां ने बताया कि कि वो अपने ब्राइट फ्यूचर की कामना कर रही थी। लेकिन एक कार हादसे ने उसकी जान ले ली। ये हादसा कितना दर्दनाक था। इस बारे में एक शख्स ने बताया कि कार एक्सीडेंट के बाद बहुत ही तेज आवाज आई। जिसे सुनकर हर कोई डर गया था।

शख्स को आठ साल आठ महीने की सजा

पब्लिक प्रॉसिक्यूटर राचेल विडिकोम्बे के अनुसार, जब कार का एक्सीडेंट हुआ था, वहां पर एक शख्स काम कर रहा था। उसने जोर का धमाका सुना। इसके बाद जब वहां गया तो जिलानी होश में था। हालांकि, वो बहुत हैरान और कन्फ्यूज्ड था। लेकिन कार में बैठे दोनों लोग बेहोश हो गए थे। द सन के अनुसार, कार 157 प्रति घंटे की स्पीड से चल रही थी। मैनचेस्टर के जज के एलन कॉनराड केसी ने जिलानी से कहा कि नादिया यूसुफ की आपकी ड्राइविंग के कारण हुई टक्कर में जान चली गई। वह एक युवा लड़की थी, जिसके पास जीने के लिए सब कुछ था। बता दें कि जज ने रोहेल को आठ साल आठ महीने की सजा सुनाई है।

पीड़ा की कभी नहीं की जा सकती भरपाई

मृत नादिया के परिवार ने कहा कि वह बाल रोग विशेषज्ञ बनने के लिए पढ़ाई कर रही थी। जिलानी की लापरवाही की वजहों ने उसे हमसे छीन लिया, जिसे रोका जा सकता था और इसने हमारे परिवार को एक ऐसी पीड़ा दी है। जिसकी कभी भरपाई नहीं की जा सकती।


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