मिडिल ईस्ट जंग का आज 20वां दिन है। जंग का असर खाड़ी देशों पर खूब आ रहा है। इसको कतर पर ईरान लगातार कई हमले कर रहा है। इसको देखते हुए अब खाड़ी देश भी सक्रिय हो गए हैं। सऊदी अरब के रियाद में गत बुधवार को खाड़ी और अरब-इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों की एक आपातकालीन/परामर्श बैठक आयोजित की गई थी। अब कतर ने ईरान के प्रति कड़ा रुख अपनाया है।

कतर ने ईरान दूतावास में तैनात सैन्य और सुरक्षा अटैचियों और उनके कर्मचारियों (राजदूत) को अवांछित व्यक्ति घोषित कर दिया है। उनसे 24 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया है। विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को यह घोषणा की। कतर के विदेश मंत्रालय के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि विदेश मंत्रालय ने इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट भेजा है, जिसमें कहा गया है कि कतर दूतावास में सैन्य अटैची और सुरक्षा अटैची, साथ ही दोनों अटैची कार्यालयों के कर्मचारियों को अवांछित व्यक्ति मानता है, और उन्हें आदेश देता है कि वे अधिकतम 24 घंटों के भीतर देश छोड़ दें।

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विदेश मंत्रालय ने विदेश मंत्रालय के प्रोटोकॉल निदेशक महामहिम इब्राहिम यूसुफ फखरो और कतर में ईरान के राजदूत महामहिम अली सालेहाबादी के बीच हुई बैठक के दौरान इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के दूतावास को एक आधिकारिक नोट सौंपा। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह निर्णय ईरान द्वारा कतर राज्य को बार-बार निशाना बनाने और उसके खिलाफ खुलेआम आक्रामकता के जवाब में लिया गया था, जिसने उसकी संप्रभुता और सुरक्षा का उल्लंघन किया, जो अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव संख्या 2817 और अच्छे पड़ोसी संबंधों के सिद्धांतों का घोर उल्लंघन है।

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