Modi-Netanyahu Talk: ईरान के खिलाफ और मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग पर भारतीय और इजरायली प्रधानमंत्री की आपस में बातचीत हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से फोन पर बात की है और मध्य पूर्व के हिंसक हालातों पर चिंता जताई है। उन्होंने नेतन्याहू से नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की सलाह दी। साथ ही जंग को रोकने की जरूरत पर भी बल दिया। उन्होंने नेतन्याहू से कहा कि बहुत तबाही मच चुकी है, ईरान के खिलाफ जंग खत्म कर देनी चाहिए।
मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का ऐलान! ईरान ने अब तक किन देशों पर किया हमला?
---विज्ञापन---
लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया
प्रधानमंत्री मोदी ने इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से बातचीत में नागरिकों की सुरक्षा को 'सर्वोच्च प्राथमिकता' बताया। अपने X पर एक पोस्ट में प्रधानमंत्री मोदी ने लिखा कि उन्होंने नेतन्याहू के साथ टेलीफोन पर बातचीत की और हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंताओं को व्यक्त किया। नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। साथ ही ईरान से दुश्मनी और मध्य पूर्व में जंग को शीघ्र समाप्त करने की आवश्यकता पर बल दिया। क्योंकि ईरान-इजरायल के साथ कई देश युद्ध की आग में जल रहे हैं।
---विज्ञापन---
UAE के राष्ट्रपति का आभार भी जताया
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी फोन पर बात की है। यूएई पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए जानमाल के नुकसान पर संवेदना व्यक्त की है। यूएई के साथ भी भारत की एकजुटता व्यक्त की है। हमलों में जान गंवाने वालों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय की देखभाल करने के लिए भी राष्ट्रपति शेख मोहम्मद का आभार व्यक्त किया है और उन्होंने भी आश्वासन दिया है।
ईरान का बदला लेने के लिए मैदान में उतरा हिजबुल्लाह ग्रुप, इजरायल-अमेरिका के खिलाफ करेगा युद्ध
शांति और स्थिरता का समर्थन करता भारत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत मध्य पूर्व में फैले तनाव को कम करने, क्षेत्रीय शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करता है। 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका के द्वारा ईरान पर जॉइंट मिसाइल अटैक किए गए। ऑपरेशन रोरिंग लायन और ऑपरेशन एपिक फ्यूरी चलाया गया। हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई, उनकी बेटी, पोते, बहू और दामाद मारे गए। इसके बाद पाकिस्तान और खाड़ी देशों में जो हुआ, वह पूरी दुनिया के लिए काफी तनावपूर्ण है।