Helicopter Crash in Pakistan: पाकिस्तान में बाढ़ग्रस्त इलाके में बचाव अभियान के दौरान MI-17 हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हादसे में 5 लोगों की मौत हो गई है। हादसा खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में हुआ, जिसके मुख्यमंत्री अली अमीन गंदापुर ने विमान हादसे की पुष्टिक की और बताया कि खराब मौसम के कारण मोहमंद जिले के पांडियाली क्षेत्र में हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया। हेलीकॉप्टर से मानसून और बाढ़ प्रभावित उत्तरी पाकिस्तान में बचाव अभियान चलाया जा रहा था, लेकिन रेस्क्यू टीम हादसे का शिकार हो गया।
मृतकों में 2 पायलट भी हैं शामिल
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन ने बताया कि हादसे में 2 पायलट और 3 बचाव अभियान दल के सदस्यों की मौत हुई है। हेलीकॉप्टर बाढ़ प्रभावित बाजौर क्षेत्र में राहत सामग्री पहुंचाने गगया था। प्रारंभिक जांच के अनुसार, हादसा खराब मौसम और भारी बारिशके कारण हुआ। हेलीकॉप्टर का संपर्क कंट्रोल रूम से टूट गया था और उसके बाद सर्च के दौरान हेलीकॉप्टर क्रैश हालत में मिला। हादसे के चलते शनिवार को प्रांत में एक दिन का शोक घोषित किया गया। मृतकों को पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ दफनाया जाएगा।
164 लोगों की हो चुकी बाढ़ से मौत
बता दें कि मानसून की बारिश ने बाजौर और बुनर जिलों में तबाही मचाई हुई है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अनुसार, 15 अगस्त को देशभर में बाढ़ के पानी में डूबने से 164 लोगों की मौत हुई है, जिसमें से 150 लोग खैबर पख्तूनख्वा के थे। भारी मानसूनी बारिश के कारण उत्तरी पाकिस्तान में भूस्खलन होने से अचानक बाढ़ आ गई है। पाकिस्तान के मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान में भारी बारिश होने की चेतावनी जारी की है और लोगों से नदी-नालों से दूर सुरक्षित इलाकों में जाने का आग्रह किया है।
पाकिस्तान में बारिश से हालात खराब
बता दें कि पाकिस्तान में साल 2025 के मानसून सीजन में भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है। खैबर पख्तूनख्वा, पंजाब, गिलगित-बाल्टिस्तान और POK में हालात खराब हैं। 26 जून 2025 से अब तक देशभर में बाढ़ और बारिश से संबंधित घटनाओं में 303 लोगों की मौत हो चुकी है और 730 लोग घायल हुए हैं। खैबर पख्तूनख्वा में सबसे अधिक नुकसान हुआ, जहां 15 अगस्त 2025 को एक दिन में 150 मौतें हुईं। पंजाब में 164, सिंध में 28, बलूचिस्तान में 20, गिलगित-बाल्टिस्तान में 10 और POK में 2 मौतें हुई हैं।
कराकोरम हाईवे पर यातायात बाधित
खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर, स्वात, चित्राल, कोहिस्तान और पेशावर में बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचाई है। स्वात और बाजौर में कई गांव जलमग्न हो गए। कराकोरम राजमार्ग पर पुल क्षतिग्रस्त होने से यातायात बाधित हुआ। पंजाब में लाहौर, रावलपिंडी और चकवाल में भारी बारिश और बाढ़ ने बिजली आपूर्ति और यातायात को बाधित किया। गिलगित-बाल्टिस्तान में ग्लेशियरों के पिघलने से ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) का खतरा बढ़ गया है। हूंजा, शिगर और गान्छे में नदियों का जलस्तर बढ़ा है।
1600 से ज्यादा घर हो चुके हैं तबाह
POK में नीलम घाटी और मुजफ्फराबाद में बादल फटने और भूस्खलन से 700 से अधिक पर्यटक फंसे हैं। देशभर में भारी बारिश से 1624 घर क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें से 543 गिलगित-बाल्टिस्तान, 360 POK और 359 खैबर पख्तूनख्वा में ध्वस्त हुए। सड़कें, पुल और स्कूल नष्ट हो गए हैं। कराकोरम राजमार्ग और बाल्टिस्तान-सदपारा रोड पर यातायात बाधित है। खेतों, फसलों और पशुधन को भारी नुकसान हुआ है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था प्रभावित हुई। अब तक पाकिस्तान अरबों रुपये का नुकसान उठा चुका है।
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