TrendingAyodhya Ram MandirDharmendra & Hema MaliniBigg Boss 19Gold Price

---विज्ञापन---

‘मोहम्मद मुइज्जू की भारत से दुश्मनी की कीमत’, बच्चे की मौत पर बोले Maldives के सांसद

Maldives MP Meekail Naseem on death of 13 year old boy: मालदीव के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू चीन की तरफ झुकाव दिखा रहे हैं और भारत से दुश्मनी मोल ले रहे हैं। मालदीव सरकार के भारत द्वारा दिए गए विमानों की मेडिकल इमर्जेंसी के केस में भी इस्तेमाल नहीं करने के जिद की वजह से बच्चे की मौत हो गई।

मालदीव के सांसद मिकाइल नसीम और मोहम्मद मोइज्जू
Maldives MP Meekail Naseem targeted President Mohammed Moizzu: मालदीव में समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से एक बच्चे की मौत का मामला सुर्खियों में है। इसे लेकर वहां के नए राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू निशाने पर हैं। मालदीव की सरकार ने बच्चे को एयर एंबुलेंस से राजधानी माले के अस्पताल पहुंचाने की अनुमति नहीं दी। इसकी वजह यह थी कि यह हेलिकॉप्टर भारत द्वारा दिया गया था। अब इसपर वहां के नेता भी मुइज्जू को निशाने पर ले रहे हैं और आलोचना कर रहे हैं। मालदीव के एक सांसद ने इसकी वजह अपने राष्ट्रपति की भारत से दुश्मनी को बताया है। मालदीव के सांसद मिकाइल नसीम ने इसपर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि भारत के प्रति राष्ट्रपति (मोहम्मद मुइज्जू) की शत्रुता की कीमत लोगों को अपनी जान की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। बता दें कि ये वही मिकाइल नसीम हैं जिन्होंने पीएम मोदी के खिलाफ मालदीव के नेताओं की अपमानजनक टिप्पणी के मामले में जवाबदेही और कार्रवाई पर जोर देते हुए संसद को विदेश मंत्री को बुलाने के लिए कहा था। ये भी पढ़ें-Maldives ने नहीं दी भारतीय एयर एंबुलेंस के इस्तेमाल की इजाजत, 13 साल के बच्चे ने तोड़ा दम भारत ने दिया था डोर्नियर विमान मालदीवे की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 साल के इस लड़के को ब्रेन ट्यूमर था जिससे उसकी हालत बहुत गंभीर हो गई थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना था, लेकिन एयर एंबुलेंस की मंजूरी नहीं दी गई। इसकी वजह राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू की जिद थी क्योंकि उन्होंने भारत द्वारा दिए गए डोर्नियर विमान के इस्तेमाल की इजातत नहीं दी। बच्चे के पिता ने इसपर क्या बताया समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने से लड़के ने दम तोड़ दिया। उसके पिता ने बताया कि स्ट्रोक आने के बाद तुरंत फोन करके एयर एंबुलेंस मांगी गई थी लेकिन देर तक कोई जवाब नहीं मिला। इमर्जेंसी केस में भी उसे अस्पताल पहुंचाने में 16 घंटे लग गए। भारत द्वारा भेजे गए विमान का इस्तेमाल नहीं करने की मालदीव सरकार की जिद की वजह से बच्चे की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। अगर समय पर इलाज मिल जाता तो बच्चे की जान बच सकती थी। ये भी पढ़ें-कौन है दुनिया का सबसे अमीर नेता, जिसके पास है पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था से भी ज्यादा संपत्ति?


Topics: