आज से 12 साल पहले 8 मार्च 2014 की रात 2.41 बजे मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर से मलेशिया एयरलाइंस के विमान ने उड़ान भरी थी. लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद ये विमान अचानक रहस्यमय तरीके से लापता हो गया था. इस फ्लाइट में 227 यात्री और 12 क्रू मेंबर सवार थे. वहीं, जांच में पता चला कि उसकी आखिरी लोकेशन ऑस्ट्रेलिया के पास हिंद महासागर के दक्षिणी हिस्से में थी.
इस विमान को ढूंढ़ने के लिए करीब 3 साल तक सर्च ऑपरेशन चलाया गया था, लेकिन विमान का पता नहीं चला. जिस इलाके में विमान क्रैश होने की आशंका थी, वो हिंद महासागर का दुर्गम इलाका है. यहां का अंडर वाटर रूट कोई नहीं पहचानता है. अंदर बड़ी-बड़ी चट्टानें और ज्वालामुखी हैं. जनवरी 2017 में ये ऑपरेशन बंद करना पड़ा.
Ocean Infinity ढूंढ़ेगी विमान
वहीं, अब 12 साल बाद 31 दिसंबर 2025 को फिर से लापता विमान MH370 की खोज फिर से शुरू हुई है. अमेरिकी कंपनी ओशन इन्फिनिटी की मलेशिया सरकार से डील हुई है. इसके मुताबिक, अगर उन्हें लापता विमान मिल जाता है तो मलेशिया सरकार 70 मिलियन डॉलर यानि करीब 630 करोड़ रुपए देगी. अगर प्लेन नहीं मिलता है तो कंपनी कोई फीस नहीं लेगी. वहीं, यह ऑपरेशन 55 दिनों तक चलेगा.
पीड़ित परिवारों को क्लोजर देने की कोशिश
MH370 विमान में मौजूद 239 यात्रियों के परिवार करीब7 12 साल से अपनों का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें आज भी ये उम्मीद है कि कभी न कभी तो सच्चाई सामने आएगी कि आखिर प्लेन में क्या हुआ था. 2014 से 2017 के बीच मलेशिया, ऑस्ट्रेलिया और चीन ने मिलकर 1,20,000 वर्ग किमी के विशाल समुद्री क्षेत्र को खंगाला, लेकिन परिणाम शून्य रहा. चीन के 153 नागरिकों सहित कई परिवार अब भी खोज बंद न करने की अपील करते रहे हैं. नया अभियान इन परिवारों को जवाब दिलाने की दिशा में एक और प्रयास है.
दिसंबर 2025 में फिर से शुरू हुई ये नई खोज ‘No Find, No Fee’ पर आधारित है. यानी कि अगर विमान का मलबा नहीं मिला तो मलेशिया को एक भी रुपया नहीं देना पड़ेगा और अगर विमान का मलबा मिलता है तो सरकार Ocean Infinity को 70 मिलियन डॉलर का भुगतान करेगी.
मिशन में काम करेंगे अंडरवाटर AUV’s
वहीं, Ocean Infinity ने साल 2018 के बाद भी लगातार सेटेलाइट डेटा, समुद्री धाराओं और ड्रिफ्ट मॉडलिंग का अध्ययन किया है. इन सभी नई जानकारियों के आधार पर एक नई और सटीक जगह चुनी गई है जहां पर विमान का मलबा मिलने की सबसे ज्यादा संभावना जताई जा रही है. कंपनी ने अब इस मिशन में ऐसे AUV’s (Autonomous Underwater Vehicles) तैनात करेगी जो 6,000 मीटर से अधिक की गहराई में भी काम कर सकते हैं.
क्या 12 साल बाद मिलेगा विमान का मलबा?
एक बार फिर से MH370 की खोज शुरू हो गई है लेकिन अभी भी कुछ नहीं कहा जा सकता है कि विमान का मलबा मिलेगा या नहीं, लेकिन यह मिशन उन परिवारों के लिए एक बार फिर से उम्मीद लेकर आया है जिससे उन्हें पता चल सकेगा कि आखिर विमान के साथ क्या हुआ था.
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