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'घर जाओ, डिनर करो और लैपटॉप...', वर्क लाइफ बैलेंस पर क्या बोले Linkedin के संस्थापक?

लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन का कहना है कि अगर सफलता हासिल करनी है तो मेहनत और त्याग जरूरी है। उनका मानना है कि स्टार्टअप की दुनिया में वर्क लाइफ बैलेंस स्थापित करना आसान नहीं है। सिर्फ दो ही स्थितियां ऐसी हैं, जिनमें वर्क लाइफ बैलेंस संभव है। विस्तार से उनकी बातों के बारे में जानते हैं।

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लिंक्डइन के संस्थापक रीड हॉफमैन अपने स्पष्ट विचार व्यक्त करने के लिए जाने जाते हैं। उनकी टिप्पणियां अक्सर सोशल मीडिया पर छाई रहती हैं। अब उनका एक और बयान सुर्खियों में है। काम और जीवन के संतुलन (Work Life Balance) पर उनका पुराना बयान फिर से वायरल हो रहा है। हॉफमैन का मानना है कि स्टार्टअप की दुनिया में नॉर्मल वर्क लाइफ बैलेंस बनाना संभव नहीं है। 2024 में एक पॉडकास्ट में उन्होंने कहा था कि अगर आपको सफलता हासिल करनी है, सफल कंपनी बनानी तो तो वीकेंड की छुट्टियों और आराम करने जैसी चीजों को छोड़ना होगा। अपनी कंपनी को लेकर उन्होंने कहा कि लिंक्डइन के शुरुआती दिनों में अपने कर्मियों से अधिक काम करने की उम्मीद करते थे।

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हालांकि उनका परिवार और बच्चे भी हैं। हॉफमैन मानते हैं कि फैमिली वाले कर्मचारियों को डिनर के लिए घर जाने की परमिशन थी। डिनर के बाद वे उम्मीद करते थे कि कर्मचारी फिर से अपना लैपटॉप खोलकर काम करने के लिए जुट जाएं। हॉफमैन मानते हैं कि आज के टाइम में वर्क और लाइफ के बीच बैलेंस न होना सख्त माना जा सकता है। अगर कोई कर्मचारी ऐसा सोचता है तो उसे स्टार्टअप कल्चर का सही ज्ञान नहीं है। स्टार्टअप चलाना बच्चों का खेल नहीं है। इसके लिए पूरे समर्पण और त्याग की जरूरत होती है। अगर आप सही मेहनत और लगन से काम नहीं करेंगे तो आपकी नौकरी जाने के चांस बन जाते हैं। नौकरी को बचाने के लिए आपको संघर्ष करना पड़ सकता है।

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पेपाल का दिया उदाहरण

हॉफमैन मानते हैं कि सिर्फ 2 परिस्थितियों में वर्क लाइफ बैलेंस को बनाकर रखा जा सकता है। पहला अगर आपका स्टार्टअप छोटा है और कोई प्रतिस्पर्धी नहीं है। दूसरा अगर आपका स्टार्टअप मजबूत है, जिसको कोई चुनौती देने के बारे में सोच भी नहीं सकता। हालांकि स्टार्टअप्स के बीच प्रतिस्पर्धा की बात वे मानते हैं, जिससे निपटने के लिए लगातार मेहनत करने की बात वे कहते हैं। हॉफमैन पेपाल का उदाहरण भी देते हैं। वे कहते हैं कि कर्मचारी घर न जाएं, इसलिए उनको ऑफिस में ही डिनर मिलता था। इसके बाद दूसरी कंपनियों ने ऐसा काम शुरू किया।

मेहनत से समझौता नहीं

हॉफमैन के अनुसार अगर आपको सफलता हासिल करनी है तो मेहनत से समझौता नहीं किया जा सकता। परिवार के साथ समय बिताना भी वे जरूरी मानते हैं, लेकिन काम को लेकर सजगता और समर्पण भी जरूरी है। लिंक्डइन को 2016 में Microsoft द्वारा 26.2 बिलियन डॉलर (2620 करोड़ रुपये) में अधिगृहीत किया गया था। इससे पहले हॉफमैन ने 2014 में स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी के ‘स्टार्टअप कैसे शुरू करें’ कार्यक्रम में अपनी बात रखी थी।

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