हमास के कब्जे वाले गाजा से मंगलवार को एक अलग नजारा सामने आया। फिलीस्तीन समर्थकों से इजराइली शासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन का आह्वान करने वाले हमास के खिलाफ आज गाजा में लोग सड़कों पर उतरे। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में मंगलवार को उत्तरी गाजा के शहर बेत लाहिया में सैकड़ों फिलिस्तीनियों को हमास और युद्ध के खिलाफ पहली बार प्रदर्शन करते हुए देखा गया।
‘लोग युद्ध नहीं चाहते, लोग हमास नहीं चाहते’ का लगाया नारा
एक वीडियो में प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने नारा लगाया, ‘लोग युद्ध नहीं चाहते, लोग हमास नहीं चाहते और लोग अल जजीरा नहीं चाहते।’ गाजा एक्टिविस्ट हमजा अल-मसरी ने अपने 8,44,000 टेलीग्राम अनुयायियों के साथ वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘बेत लाहिया शहर से, जहां कल कब्जे वाले फोर्स ने शहर को खाली कर दिया था, उसके लोग युद्ध को समाप्त करने की मांग करते हुए बाहर आ रहे हैं और कह रहे हैं, ‘बस बहुत हो गया’।’
अल-मसरी ने सभी प्रांतों के लोगों से की ये अपील
एक अन्य टेलीग्राम पोस्ट में अल-मसरी ने लिखा, ‘अब समय आ गया है कि गाजा पट्टी के सभी प्रांतों के हमारे लोग भी इनलोगों की तरह आगे आएं और एक एकजुट होकर हमास को एक मैसेज दें। गाजा के लोग अपने लोगों के रक्तपात की धारा को रोकना चाहते हैं और अब बहुत हो गया।’
विरोध-प्रदर्शन के लिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल
अरबी विश्लेषकों ने टेलीग्राम पर शेयर किए गए वीडियो पर ध्यान देते हुए कहा कि गाजा में फतह समर्थक अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करके गाजा पट्टी के निवासियों को विरोध-प्रदर्शन करने के लिए बुला रहे हैं। बता दें कि बीते साल 7 अक्टूबर को गाजा सीमा के पास इजरायली समुदायों पर हमास के हमलों में कम से कम 1,180 लोग मारे गए और 252 इजरायली और विदेशी बंधक बनाए गए थे। शेष 59 बंधकों में से 36 के मारे जाने की आशंका है।
हमास शासन के खात्मे के लिए जॉर्डन ने बनाया प्लान
गाजा में लगभग 17 महीनों से जारी जंग ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है। जनवरी में हुए समझौते को तोड़ते हुए इजराइल ने गाजा में अपने कार्रवाई फिर से शुरू कर दी है, वहीं, मिस्र द्वारा पेश किए गए प्रस्ताव पर अमेरिका और इजराइल राजी नहीं है। इसी बीच मिडिल ईस्ट से खबर आई है कि जॉर्डन गाजा युद्ध को रोकने के लिए गाजा से हमास और उसकी सैन्य शाखा के 3 हजार सदस्यों को निर्वासित करने की योजना का प्रस्ताव रख रहा है। जॉर्डन के प्रस्ताव के बारे में जानकारी रखने वाले अमेरिकी और फिलिस्तीनी सूत्रों के मुताबिक, निर्वासित किए जाने वालों में सैन्य और नागरिक नेता और हमास के सदस्य शामिल होंगे। इस योजना में हमास के निरस्त्रीकरण और फिलिस्तीनी प्राधिकरण को नियंत्रण सौंपने पर भी जोर दिया गया है।
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