TrendingAI summitBangladesh electioniranDonald Trump

---विज्ञापन---

नाकाबंदी के बाद सहायता ट्रक पहुंचे गाजा, भुखमरी की चेतावनी के बीच 3 महीने बाद मिली मदद

Israel-Hamas War: संयुक्त राष्ट्र (UN) ने कहा कि 11 हफ्ते की नाकाबंदी के बाद खाना और अन्य आपूर्ति ले जाने वाले पहले ट्रक गाजा पहुंच चुके हैं, लेकिन अभी तक कुछ चुनौतियों के चलते सामान वितरित नहीं किया जा सका है।

Israel-Hamas War: इजराइल और हमास की जंग में गाजा लगभग तबाह हो चुका है। जंग में अब तक गाजा में हजारों की तादाद में बच्चे और महिलाएं अपनी जान गंवा चुके हैं। काफी समय से गाजा में बेसिक सामान भी लोगों को नहीं मिल पा रहा है। लगभग तीन महीने की नाकाबंदी के बाद गाजा पट्टी में सोमवार को पहली बार राहत सामग्री लेकर 5 ट्रक पहुंचे हैं। इसमें शिशु आहार समेत जरूरत का सामान है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये ट्रक केरम शालोम सीमा चौकी के जरिए गाजा में पहुंचे हैं। हालांकि, अभी तक सामग्री का वितरण नहीं किया जा सका है।

'यह मदद समुद्र में एक बूंद की तरह'

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने एक ब्रीफिंग के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने इस सामग्री को वितरित करने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि 'मानवीय संकट को देखते हुए अभी यह आपूर्ति समुद्र में एक बूंद की तरह है।' दुजारिक ने कहा कि 'गाजा पट्टी की स्थिति की बात करें तो, यहां 11 हफ्ते की नाकाबंदी के बाद, शिशु आहार के पहले ट्रक अब गाजा के अंदर पहुंच चुके हैं और यह जरूरी है कि इसे जल्द से जल्द बांटा जाए।' ये भी पढ़ें: भारत के बाद अब अफगानिस्तान ने PAK को दिया बड़ा झटका, बूंद-बूंद को तरसेगा पाकिस्तान

बमबारी और नाकाबंदी से ऐसे हालात

दुजारिक ने कहा कि 'गाजा में हम जो यह हालात देख रहे हैं, वह जारी बमबारी, नाकाबंदी और बार-बार होने वाले विस्थापन की वजह से है।' दुजारिक के अनुसार, संयुक्त राष्ट्र ने आटा, दवाइयां, पोषण सामग्री और अन्य जरूरी वस्तुएं भेजी हैं। इसके अलावा, बच्चों के लिए जरूरी चीजें और दूसरी पोषण सामग्री भी भेजी जाएंगी। दुजारिक ने कहा कि 'आपूर्ति को अलग-अलग उतारने और लोड करने की जरूरत की वजह से वितरण में देरी हो रही है। साथ ही, संयुक्त राष्ट्र की टीमों को सामान जमा करने के लिए मंजूरी मिलने का घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। ये भी पढ़ें: कौन हैं नई बाबा वेंगा? भविष्यवाणी से मचाई हलचल, जुलाई में आने वाली हैं बड़ी आपदाएं


Topics:

---विज्ञापन---