Israel Hamas War Israeli Army Lacks Weapons Amid Conflict: आतंकी संगठन हमास के हमले के बाद से इजरायल अपने रुख को लेकर किस कदर सख्त है, इसका अंदाजा जंग के मैदान से आ रही तस्वीरों और वीडियो के जरिए लगाया जा सकता है। मुस्लिम ब्रदरहुड में शामिल कई देशों से मिली धमकियों के बावजूद, इजरायली फौज गाजा पट्टी की तरफ बढ़ना शुरू कर चुकी है, जिसे लेकर, पूरी दुनिया सकते में है। जिस जंग को 7 अक्टूबर को हमास ने हवा दी थी, अब वहीं जंग उन्हें मौंत की नींद सुला रहा है, लेकिन इजरायल को लेकर एक और रिपोर्ट आई है, जिसमें ये दावा किया जा रहा है कि इसरायल की सेना के पास गोला-बारुद की कमी है। सवाल है अगर ये सच है, तो क्या युद्ध के मैदान में नेतन्याहू इसकी भरपाई कैसे कर पाएंगे?
हमास के हमले के बाद जंग के 48 घंटे से पहले अमेरिका ने इजरायल को अपना सपोर्ट दे दिया। अमेरिका का साथ, इजरायल के लिए बेहद अहम है, क्योंकि युद्ध को अंजाम तक पहुंचाने के लिए इजराइल को गोला-बारुद की जरूरत है। इसकी सप्लाई का जिम्मा अमेरिका निभाता आया है। लेकिन सवाल है, जब युद्ध के दो मोर्चे पर अमेरिका का जिम्मा हथियार पहुंचाने का है, तो पहले ही हथियारों की कमी से जूझ रहे यूक्रेन की डिमांड पूरी करने की बजाए अमेरिका, इजरायल को कितने दिनों तक हथियारों की सप्लाई कर पाएगा?
फोटो क्रेडिट- रॉयटर्स
रूस और यूक्रेन के बीच छिड़े जंग में यूक्रेन का सबसे बड़ा हथियार सप्लायर अमेरिका है। यूक्रेन पहले से ही रूस के खिलाफ युद्ध में हथियारों की कमी का सामना कर रहा है। अमेरिका, यूक्रेन को उसके जरूरत से कम गोला-बारुद की सप्लाई कर पा रही है। हालांकि, अमेरिका ने प्रोडक्शन बढ़ाने का दावा किया है, लेकिन ऐसे में सवाल ये है कि अमेरिका यूक्रेन की मदद कर पाएगा या इजरायल का? क्या इसका असर इजरायल की क्षमता पड़ नहीं पड़ेगा?
क्या वाकई में इजराइल के पास हथियारों की कमी है?
ऐसा नहीं है कि इजरायल के पास हथियारों की फौरी तौर पर कोई कमी है, लेकिन अगर युद्ध लंबा चला, जिसके आसार भी हैं, तो इजरायल को युद्ध में लंबे वक्त तक बने रहने के लिए गोला-बारूद के स्टॉक की जरूरत पड़ेगी। सवाल ये भी कि हमास और इजरायल के बीच युद्ध में नया मोर्चा खुला, तो इजरायल उस संकट का समान कैसे करेगा? वहीं, इन तमाम आशंकाओं के बीच अमेरिका ने एक बार ये दोहराया है कि वो इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है और इजरायल को जिस चीज की जरूरत होगी, अमेरिका उस डिमांड को पूरा करेगा।
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इजराइल-हमास के युद्ध ने पहले ही दिन दुनिया का ध्यान खींचा
हमास ने हमले के पहले ही दिन इजरायल को वो जख्म दिए, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींच लिया। हमास ने इजरायल के रिहाइशी इलाके में न सिर्फ बच्चों, बुजुर्ग और महिलाओं को अपना निशाना बनाया, बल्कि उसने 250 से ज्यादा इजरायली नागरिकों को अगवा भी कर लिया। आज युद्ध के सातवें दिन की जो तस्वीरें सामने आईं हैं, वो ये बताने के लिए काफी है कि हमास ने किस तरह महाविनाश को न्योता दे दिया। इजरायल पिछले 6 दिनों से गाजा पट्टी पर जवाबी हमला कर रहा है, जिसमें अब तक हजारों लोगों की जान जान चुकी है। जबकि, घायलों और बेघर होने वालों की तादाद इतनी है कि गिनना मुश्किल है।
इजरायली सेना की तरफ से ये कहा गया है कि वो आने वाले दिनों में गाजा पट्टी में अपने सबसे अहम ऑपरेशन को अंजाम देना शुरू कर देगा। इस अहम ऑपरेशन के लिए इजरायली सेना के 1 लाख 73 हजार सैनिक पूरी तरह से तैयार हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली सेना किसी भी वक्त गाजा पट्टी के उत्तरी इलाके में अपने ग्राउंड ऑपरेशन को शुरू कर सकती है और इस ऑपरेशन के लिए इजरायली फौज अपने खतरनाक टैंक, अत्याधुनिक हथियारों से लैस होकर गाजा की तरफ बढ़ना शुरू कर दिया है।
फोटो क्रेडिट- रॉयटर्स
रिपोर्ट के मुताबिक, हमास को पूरी तरह से तबाह करने पर अड़ी इजरायली सेना इस ऑपरेशन में अपने सबसे आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर रही है, जिसका कोई तोड़ हमास के पास नहीं है। इजरायली सेना के दावे के मुताबिक, गाजा पट्टी के उत्तरी इलाके में हमले के लिए इजरायली सेना ने 600 जंगी जहाज, 300 टैंक और एक लाख 73 हजार सैनिक को तैयार रखा है।
इजराइल ने सबसे खतरनाक मर्कवा टैंक को युद्ध में उतारा
इजरायली सेना ने इस बार हमास के खिलाफ जारी जंग में ग्राउंड ऑपरेशन के लिए ,अपना सबसे खतरनाक और विश्वशनीय मर्कवा टैंक उतारा है, जिसे इजरायली डिफेंस फोर्स ने कई दशकों की मेहनत के बाद, गाजा और इजरायल के संघर्षों को ध्यान में रखते हुए शहरी युद्ध के लिए डिजाइन किया है। बताया जा रहा है कि मर्कवा टैंक इजरायली डिफेंस फोर्स की रीढ़ है और ये 125 एमएम की तोप के साथ, एंटी टैंक मिसाइल लॉन्च करने में भी सक्षम है। इसमें मशीन गन, स्मोक लॉन्चर और 60 एमएम के मोर्टार भी भी लगे हैं। दुश्मन को गहरा नुकसान देने में सक्षम ये टैंक एक साथ कई सिस्टम लॉन्च कर सकता है और इसे चलाने के लिए 8 लोगों की जरूरत पड़ती है।
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