Iran Protests Update: ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के खिलाफ लोग सड़कों पर हैं और हिंसक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. हजारों लोग सड़कों पर हैं और तख्तापलट की मांग कर रहे हैं. ईरान में पिछले 5 दिन में हुई हिंसा में 6 लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन ईरान के इस आतंरिक मामले में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कूद गए हैं.
उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में बयान दिया कि ईरान में अस्थिरता का माहौल है. अगर ईरान की सरकार और सेना ने बेगुनाह लोगों का दमन किया तो अमेरिका मामले की सीधा दखल देगा और देश की जनता का साथ देगा. वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बासा अराघची ने इस धमकी का जवाब देते हुए कहा कि अमेरिका का दखल बर्दाश्त नहीं करेंगे.
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ईरान के विदेश मंत्री ने दिया यह जवाब
ईरान के विदेश मंत्री ने राष्ट्रपति ट्रंप के बयान को खतरनाक बताया है. उन्होंने कहा कि ईरान में क्या चल रहा है और सरकार को क्या करना है? यह ईरान का आंतरिक मामला है, इसमें किसी का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. ईरान के लोग बेहद शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और अपनी बात रखने का अधिकार उन्हें मिला हुआ है.
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विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसक दंगों की छिटपुट घटनाएं देखी हैं, जिनमें एक पुलिस स्टेशन पर हमला और पुलिस अधिकारियों पर मोलोटोव कॉकटेल फेंकना शामिल है. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने खुद अपने देश में नेशनल गार्ड तैनाती किए हुए हैं तो उन्हें पता होना चाहिए कि सार्वजनिक संपत्ति पर आपराधिक हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है.
राष्ट्रपति ट्रंप का आज का संदेश उन लोगों से प्रभावित है, जो कूटनीति से डरते हैं. ईरान के लोग अपने आंतरिक मामलों में किसी भी हस्तक्षेप को अस्वीकार करेंगे. ईरान की सशस्त्र सेनाएं तैयार हैं. ईरान की संप्रभुता का किसी भी तरह से उल्लंघन होने पर ईरान की सेना जानती है कि कहां पर हमला है और किस समय करना है, ट्रंप यह सब न बताएं.
साल 2022 के बाद बड़ा विरोध प्रदर्शन
ईरान के राष्ट्रीय सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी ने कहा कि साल 2022 के बाद ईरान में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन चल रहा है और इसकी वजह ईरान में गहराया आर्थिक संकट है. ईरान में महंगाई की दर 42.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है और खाद्य पदार्थों की कीमत में 72 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो गई है, लेकिन ईरान के मामले में अमेरिका दखल न दे.
बता दें कि ईरान में राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों का आज 7वां दिन है. तेहरान सहित कई शहरों में बड़े पैमाने पर सत्ता-विरोधी आंदोलन और तेज हो गया है. इसमें ट्रंप के ट्वीट की भूमिका भी बताई जा रही है. विद्रोह की आग राजधानी तेहरान के बाजारों से निकलकर नाजीआबाद, खाकसेफीद, नर्मक और तेहरानपार्स जैसे घनी आबादी वाले इलाकों तक फैल चुकी हैं.
तेहरान के अलावा इस्फहान, शिराज, याज्द, कराज, हमदान और अन्य शहरों में भी आंदोलनकारी सड़कों पर हैं, जहां 'खामेनेई विरोधी' नारे लगातार गूंज रहे हैं. 1979 के बाद पहली बार क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने सड़क पर उतरे ईरानियों को सीधा निर्देश दिया कि शहरों के केंद्रों की ओर हाथ में हाथ डालकर कूच करें और सत्ता के पतन तक पूर्ण नियंत्रण लें.