ईरान ने परमाणु समझौते के लिए अमेरिका को दिया ऑफर, क्या खामनेई की शर्त मानेंगे ट्रंप?
Author: Vijay Jain
Feb 15, 2026 05:32 PM IST
Iran nuclear deal 2026: ईरान ने अमेरिका के साथ परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए समझौते का रास्ता खोल दिया है. ईरान के उप विदेश मंत्री माजिद तख्त-रवांची ने कहा कि अमेरिका को साबित करना होगा कि वह डील चाहता है. अगर वे प्रतिबंधों पर राहत की बात करने को तैयार हैं, तो हम अपने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार हैं. बीबीसी को दिए इंटरव्यू में मंत्री ने कहा कि अगर अमेरिका ईमानदारी से समझौता चाहता है तो बात आगे बढ़ सकती है.
तख्त-रवांची ने इसे अमेरिका के पाले में गेंद बताया. ईरान ने साफ कर दिया है कि उसका बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम किसी भी समझौते का हिस्सा नहीं होगा. तख्त-रवांची ने कहा कि जब इजरायल और अमेरिका ने हम पर हमले किए तो हमारी मिसाइलों ने रक्षा की. ऐसे में हम अपनी रक्षात्मक क्षमताओं से कैसे समझौता कर सकते हैं?
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यूरेनियम के भंडार को कम करने का प्रस्ताव
अमेरिका पहले ईरान से यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद करने की मांग करता रहा है. ट्रंप ने भी हाल में कहा था कि वे किसी भी तरह का संवर्धन नहीं चाहते, लेकिन ईरान इसे अपनी NPT (परमाणु अप्रसार संधि) के तहत वैध अधिकार मानता है और शून्य संवर्धन को अब चर्चा का विषय नहीं मान रहा. ईरान ने 60% तक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को कम करने या पतला करने का प्रस्ताव दिया है, जिसे वह अपनी लचीलापन दिखाने का प्रमाण बता रहा है. यह स्तर हथियार-ग्रेड के काफी करीब होता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय चिंताएं बनी हुई हैं, हालांकि तेहरान लगातार कहता है कि उसका कार्यक्रम शांतिपूर्ण है.
ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत
फरवरी की शुरुआत में ओमान में अमेरिका और ईरान के बीच अप्रत्यक्ष बातचीत हुई थी, जिसे दोनों पक्षों ने सकारात्मक बताया. तख्त-रवांची ने पुष्टि की कि वार्ता का अगला दौर मंगलवार को जिनेवा में होगा. शुरुआती दौर में कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं, लेकिन अभी नतीजे पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी.
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ट्रंप समझौते को प्राथमिकता देते हैं, लेकिन ईरान के साथ डील करना “बहुत मुश्किल” है. ट्रंप ने कई बार चेतावनी दी है कि अगर समझौता नहीं हुआ तो परिणाम ‘बहुत गंभीर और दर्दनाक’ होंगे. उन्होंने बल प्रयोग की धमकी भी दी है और हाल में ईरान में प्रदर्शनों पर कड़ी कार्रवाई को लेकर भी सख्त बयान दिए हैं.
ईरान ने भी जवाबी हमले की चेतावनी दी है. यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों पक्षों के बीच तनाव के साथ-साथ अप्रत्यक्ष वार्ता भी चल रही है. ईरान प्रतिबंध राहत को मुख्य शर्त बना रहा है, जबकि अमेरिका न्यूक्लियर प्रोग्राम पर सख्ती चाहता है. समझौते की संभावना बनी हुई है, लेकिन अभी कई चुनौतियां बाकी हैं.
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