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पाक सेना प्रमुख पर भड़के पूर्व पीएम इमरान खान, बोले खुद को राजा की उपाधि दे असीम मुनीर

Imran Khan: पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनिर को मिली फील्ड मार्शल की पोस्ट। प्रमोशन पर भड़के पूर्व पाक पीएम इमरान खान ने बोला कि खुद को राजा की उपाधि दे असीम मुनीर।

Imran Khan: लंबे समय से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान ने उड़ाया पाकिस्तानी सेना के प्रमुख जनरल असीम मुनीर का मजाक। दरअसल, असीम मुनीर को पाकिस्तानी आर्मी ने प्रमोशन दिया है, उन्हें जनरल से फील्ड मार्शल बनाया गया है। उनका ये प्रमोशन भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष में भूमिका निभाने के लिए दिया गया है। इमरान खान ने इस पर ही चुटकी लेते हुए बोला कि असीम मुनीर को खुद को राजा की उपाधि देनी चाहिए। आइए जानते हैं पूरी बात।

क्यों बोला इमरान ने ऐसा?

इमरान खान ने सोशल मीडिया के जरिए यह बात बोली कि उन्हें फील्ड मार्शल बनाया गया है या उन्होंने खुद को ही इस उपाधि से नवाजा है। पाकिस्तान में अभी भी आर्मी को ज्यादा ताकतवर माना जाता है। यहां जंगल राज चलता आ रहा है और जंगल में राजा सिर्फ 1 ही होता है। इसलिए, इमरान खान ने ऐसा तंज कसा है। पाकिस्तान में कोई आर्मी जनरल दूसरी बार फील्ड मार्शल बना है, इससे पहले अयूब खान को यह पोस्ट दी गई थी। वे भी तख्तापलट कर खुद राष्ट्रपति बन गए थे। ये भी पढ़ें-बांग्लादेश सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस दे सकते हैं इस्तीफा, सामने आई ये बड़ी वजह

सेना से बात करने को तैयार इमरान

बता दें कि पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री साल 2023 से जेल में बंद है। हाल ही में उन्हें जेल में उनका अन्य कैदियों द्वारा यौन उत्पीड़न हुआ था, जिसके बाद वे काफी चर्चाओं में है। उन्होंने यह भी कहा है कि वह पाकिस्तान का भला और विकास चाहते हैं। अगर सेना उनसे बात करना चाहती है, तो वह खुले दिल से उनका स्वागत करेंगे। मगर अभी तक उनके साथ सेना की कोई बातचीत या सौदा नहीं हुआ है।

पाकिस्तान के पहले फील्ड मार्शल का भारत से कनेक्शन!

पाकिस्तान के पहले फील्ड मार्शल जनरल अयूब खान थे। उनका जन्म भारत के अलीगढ़ में साल 1907 में हुआ था। अयूब की पढ़ाई अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में हुई थी। बता दें कि अयूब भारतीय सेना में भी सेवा दे चुके हैं। वे इंडियन आर्मी में अधिकारी के तौर पर नियुक्त थे। 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के बाद वे अपने परिवार के साथ वहां चले गए थे। पाकिस्तान की सेना में उन्हें प्रमोशन मिला और फिर वे फील्ड मार्शल बने। पद मिलते ही उन्होंने तख्तापलट कर खुद को राष्ट्रपति बना दिया था। ये भी पढ़ें-विदेश मंत्री जयशंकर ने जर्मन संसद में पाकिस्तान की खोली पोल, आतंकवाद पर मांगा समर्थन  


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