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2 ट्रेनें भिड़ीं, जहरीली क्लोरीन फैली…250 लोग आज तक भुगत रहे एक गलती की सजा

Graniteville Train Accident Anniversary: एक पटरी पर 2 ट्रेनें, एक क्लोरीन गैस से भरी थी कि खड़ी ट्रेन से वह टकरा गई। जानिए क्या हुआ था उस रात?

Graniteville Train Accident
America Graniteville South Carolina Train Crash Anniversary: ट्रेन अपनी स्पीड पर थी और पैसेंजर्स नींद के आगोश में थे। अचानक जोरदार भिड़ंत हुई और पूरी ट्रेन पटरी से उतर गई। सड़क किनारे एक फैक्ट्री थी, जिससे ट्रेन के डिब्बे टकराए और हवा में क्लोरीन गैस फैल गई। हादसे में 10 लोग हमेशा के लिए मौत की नींद की सो गए। वहीं 200 से ज्यादा लोगों को क्लोरीन गैस का सामना करना पड़ा। आज तक वे उस गैस का असर झेल रहे हैं। एक गलती की सजा भुगत रहे हैं, क्योंकि हादसे का कारण गलत रेलरोड स्विच होना था। लाइनमैन ने गलती से ट्रेन को उस पटरी पर स्विच कर दिया था, जिस पर एक और ट्रेन आ रही थी, लेकिन इससे पहले कि दोनों ट्रेनों के पायलट ब्रेक लगा पाते, स्पीड होने के कारण दोनों की आपस में टक्कर हो गई। हादसे को नाम दिया गया, ग्रेनाइटविले ट्रेन दुर्घटना।   हादसे के बाद मिल बंद, हजारों नौकरियां गईं हादसा अमेरिका में आज से 18 साल पहले 6 जनवरी 2005 को दक्षिण कैरोलिना में सुबह के करीब ढाई बजे हुआ। ग्रेनाइटविले में एवॉन्डेल मिल्स के पास 2 नॉरफ़ॉक साउदर्न ट्रेनें आपस में टकरा गईं। हादसे में 10 लोग मारे गए थे और 250 से ज्यादा लोग क्लोरीन गैस चढ़ने के कारण गंभीर रूपसे बीमार हो गए थे। 10 मार्च 2008 को कोलंबिया और दक्षिण कैरोलिना की संघीय अदालत में एवोनडेल मिल्स ने नॉरफ़ॉक साउदर्न के खिलाफ केस किया और दावा किया कि ग्रेनाइटविले में रेल पटरियों के रख-रखाव में लापरवाही बरती जा रही थी, जो जिस कारण यह हादसा हुआ। हादसे के बाद एवॉन्डेल मिल्स को बंद कर दिया गया था। हजारों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया गया। मिल और इसके आस-पास की सफाई और मरम्मत पर करीब 140 मिलियन डॉलर खर्च हुए, लेकिन फैक्ट्री दोबारा शुरू नहीं हो सकी।

हादसे की जांच रिपोर्ट में यह निष्कर्ष निकला

29 नवंबर 2005 को नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने आधिकारिक रिपोर्ट जारी की, जिसमें निष्कर्ष निकला कि न तो टेक्निकल फॉल्ट के कारण, न ही ड्राइवर को थकान होने या उसके द्वारा नशा किए जाने के कारण हादसा हुआ, बल्कि हादसे का कारण लाइनमैन द्वार ट्रेन को गलत रास्ते पर स्विच किया जाना था। वहीं रास्ते को री-लाइन करने में पी22 ट्रेन क्रू मेंबर्स भी विफल रहे, इसलिए हादसा होने की जिम्मेदारी रेलवे कर्मियों की है, जिनके खिलाफ एक्शन लिया जाना चाहिए। यह भी पढ़ें: Sukkur Train Accident: 1500 पैसेंजर्स, 60KM रफ्तार, लाइनमैन की एक गलती और मारे गए 300 से ज्यादा लोग

क्या हुआ था 5 और 6 जनवरी की रात को?

5 जनवरी 2005 करे NS लोकल ट्रेन P22 अपने रुटीन पर निकली। दिन खत्म होने पर ट्रेन P22 को एवॉन्डेल मिल्स के पास पार्क कर दिया गया। ट्रेन के क्रू ने लोकल रेलवे स्टेशन से संपर्क किया और ट्रेन पार्क करने की जानकारी देते हुए ट्रैक को खाली रखने को कहा। इसलिए अगले दिन के लिए उस रूट पर कोई ट्रेन शेड्यूल नहीं की गई, लेकिन 6 जनवरी की सुबह 2 से ढाई बजे के बीच क्लोरीन गैस, सोडियम हाइड्रोक्साइट से भरे डिब्बों वाली NS फ्रेट ट्रेन 192 ग्रेनाइटविले के पास पहुंची, जिसकी स्पीड 77 किलोमीटर प्रति घंटा थी। इस ट्रेन को लाइनमैन ने उस पटरी पर डाल दिया, जिस पर P22 पार्क थी। अंधेरा होने के कारण वह नजर नहीं आई और जब तक फ्रेट ट्रेन का पायलट इंजीनियर आपातकालीन ब्रेक लगाता, ट्रेन P22 के काफी नजदीक आ चुकी थी और टक्कर हो गई। यह भी पढ़ें: Queen Of The Air: अकेले फ्लाइट उड़ाने वाली पहली महिला, 83 साल बाद भी लापता!


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