PM Narendra Modi in G20 Virtual Summit 2023 : दुनिया के सबसे लोकप्रिय राजनेताओं में शुमार भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को G20 सम्मेलन 2023 के वर्चुअल संस्करण को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने डीपफेक, पश्चिम एशिया की अस्थिरता और ग्लोबल साउथ जैसे अहम मुद्दों पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने डीपफेक (Deepfake) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को समाज के लिए जहर बताया और कहा कि हमें इस पर आगे काम करना होगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सामाजिक सुरक्षा की भावना के साथ आम लोगों तक पहुंचनी चाहिए।
मोदी ने कहा-दुनिया में तरह-तरह की चुनौतियां
जी-20 वर्चुअल शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि आज दुनिया में तरह-तरह की चुनौतियां हैं और इनसे लड़ने के लिए-जीतने के लिए हमारा आपसी विश्वास ही है, जो हमें एक-दूसरे से जोड़कर रखता है। ग्लोबल साउथ के देशों को बिना अपनी गलती होते हुए कई मुश्किलों से गुजरना पड़ रहा है। 21वीं सदी के विश्व को इन चिंताओं को प्राथमिकता देनी होगी। विकास एजेंडे को अपना पूर्ण समर्थन देना हमारे लिए समय की मांग है। उन्होंने कहा, ‘जब मैंने इस वर्चुअल समिट का प्रस्ताव रखा था, तब मुझे पूर्वानुमान नहीं था कि आज की वैश्विक स्थिति कैसी होगी’।
‘आतंकवाद किसी को भी स्वीकार्य नहीं’
मोदी ने कहा कि हम में से किसी को भी आतंकवाद स्वीकार्य नहीं है। लोगों की मौत चाहे कहीं पर भी, यह निंदनीय ही है। पश्चिम एशिया में पैदा हुए असुरक्षा और अस्थिरता के हालात हम सबके लिए बड़ी चिंता हैं। आज हम सबका एक मंच पर आना यह साबित करता है कि इन मुद्दों के समाधान के लिए एक-दूसरे के साथ खड़े हैं। हमें ये सुनिश्चित करना होगा कि चरमपंथी संगठन हमास और इजराइल की सत्ता के बीच छिड़ी लड़ाई कहीं क्षेत्रीय रूप न ले ले। इसी के साथ उन्होंने इस जंग में विराम आने और बंधकों की रिहाई की खबर पर संतोष व्यक्त किया।
यह भी पढ़ें: 45 दिन बाद से हमास आतंकियों के चंगुल में फंसे 50 बंधक होंगे रिहा, 4 दिन के सीजफायर को राजी हुआ इजरायल
यह भी पढ़ें: मिलिए Real Tarzan माइक होलस्टन से, जो नंगे हाथों से पकड़ लेता है एनाकोंडा जैसे खतरनाक जीव को
इस सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कहा कि दुनियाभर में इसके दुरुपयोग की चिंताएं हैं। भारत की सोच इस पर एकदम शीशे की तरह साफ है कि हमें इसके लिए वैश्विक स्तर पर नियमन की दिशा में काम करना चाहिए। इसे समाज के लिए सुरक्षित बनाते हुए जन-जन तक पहुंचाना एक अहम पहलू है। अगले महीने भारत में प्रस्तावित ग्लोबल एआई पार्टनरशिप समिट का जिक्र करते हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी देश इसमें अपेक्षित सहयोग देंगे।
संबंधित खबरें
'मुझे मार डालो', पकड़े जाने के बाद घुटनों के बल बैठकर क्यों चीखा ओमानी पायलट?
5 hrs agoफ्रांस में उग्र हुआ छात्रों का आंदोलन, Gen-Z का गुस्सा देख PM लेकोर्नू ने मंत्रियों संग की आपात बैठक
5 hrs ago9 महीने पहले भर्ती… इस्लामी कट्टरपंथ वाली विचारधारा, फ्लाईदुबई के ओमानी पायलट को लेकर चौंकाने वाला खुलासा
9 hrs agoसर और पैर पर गहरे जख्म के बावजूद पायलट स्मित मच्छार ने बचाई 174 लोगों की जान, फ्लाईदुबई के यात्री ने बताया आंखों देखा हाल
11 hrs ago'Flydubai घटना कहीं आतंकी साजिश तो नहीं', UAE का पहला बयान, भारत ने भी शुरू की जांच
12 hrs agoकैप्टन स्मित मच्छार कैसे बने पायलट? किया था टेक्सटाइल इंजीनियरिंग और मैनेजमेंट कोर्स, एक सेमिनार ने बदली जिंदगी
13 hrs agoकौन हैं फ्लाईदुबई फ्लाइट के वो 4 'हीरो', जिन्होंने प्लेन क्रैश की कोशिश को किया नाकाम, पायलट की बचाई जान
14 hrs agoPlane Hijack: क्या होता है प्लेन हाईजैक अलर्ट कोड? फ्लाइट में इमरजेंसी का पता चलते ही ग्राउंड पर क्या लिया जाता एक्शन
16 hrs agoFlyDubai विमान में पायलट के हाथ में कहां से आया चाकू? जानें 'इन फ्लाइट' हथियारों की पूरी सच्चाई
17 hrs ago'ISIS पर जीत निर्णायक', 23 साल बाद अमेरिकी सेना की आखिरी टुकड़ी ने छोड़ा ईराक, डोनाल्ड ट्रंप ने किया ऐलान
19 hrs agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines