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फ्रांस के पीएम को देना होगा इस्तीफा, अविश्वास प्रस्ताव हारे, गहराएगा राजनीतिक संकट

France PM Resigns: फ्रांस में पीएम बायरू ने घाटे में कटौती की अपनी रणनीति के लिए समर्थन हासिल करने के लिए विश्वास मत हासिल किया था, जो यूरोपीय संघ की 3 प्रतिशत की सीमा से लगभग दोगुना हो गया है। अब फ्रांस का कर्ज भी काफी बढ़ गया है।

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France PM Resigns: फ्रांस में सोमवार को राजनीतिक संकट गहरा गया है। यहां संसद ने राष्ट्रीय ऋण पर नियंत्रण के लिए अविश्विास प्रस्ताव पत्र का सहारा लिया था। इससे फ्रांस के घाटे को कम किया जाने का दावा किया गया था। मगर पीएम फ्रांस्वा बेरो की सरकार इस विश्वाास पत्र को हासिल करने में सफल नहीं रह पाई। इस फैसले के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अब 2 साल से भी कम समय में पांचवें प्रधानमंत्री की तलाश करनी होगी।

बढ़ा फ्रांस का कर्ज

प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि 74 वर्षीय फ्रांस्वा बायरू, जो सिर्फ नौ महीने पहले पद पर बैठे थे, मंगलवार सुबह अपना इस्तीफा राष्ट्रपति को सौंप देंगे। बायरू ने घाटे में कटौती की अपनी योजना को मंजूरी दिलाने के लिए संसद में विश्वास मत पेश किया था। फ्रांस का बजट घाटा यूरोपीय संघ की तय सीमा 3% से लगभग दोगुना हो चुका है। वहीं, देश का कर्ज भी बढ़कर जीडीपी का करीब 114% पहुंच गया है।

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विपक्ष के विरोध से बायरू को देना होगा इस्तीफा

दरअसल, प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरू की 44 अरब यूरो की बचत योजना खारिज होने से उनकी सरकार गिर गई। बायरू का कहना था कि यह कदम देश की बिगड़ती वित्तीय हालत सुधारने के लिए जरूरी है, लेकिन विपक्ष ने चुनावी राजनीति को देखते हुए उनका साथ नहीं दिया। इसका नतीजा ये रहा कि फ्रांस में राजनीतिक संकट और गहरा गया है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबितक, मतदान से पहले बायरू ने सांसदों को चेतावनी दी थी, ‘आपके पास सरकार गिराने की ताकत है, लेकिन सच्चाई बदलने की ताकत नहीं। खर्च लगातार बढ़ते रहेंगे और पहले से ही मौजूद कर्ज और भी ज्यादा बोझिल और महंगा होता जाएगा।’

नया नेता चुनना आसान नहीं

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों किसी ऐसे नेता की तलाश कर रहे हैं, जो विभाजित दलों के बीच एकजुटता ला सके। पिछले कुछ समय में फ्रांस का क्रेडिट रेट डाउन हुआ है और यूरोपीय संघ ने घाटे को कम करने के लिए उचित कदम उठाने की सलाह दी थी। नया नेता चुनना मुश्किल होगा क्योंकि संसद में कोई दल पूर्ण बहुमत में नहीं है। वहीं, फ्रांस की जनता भी बढ़े हुए कर्ज के चलते परेशान है।

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लेखक के बारे में

Namrata Mohanty

नम्रता मोहंती (Namrata Mohanty) न्यूज24 में एक सक्रिय कंटेंट राइटर है. मैंने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत जी न्यूज और एबीपी जैसे संस्थानों से इंटर्नशिप करते हुए की थी. आज मैं न्यूज24 के डिजीटल डेस्क पर कार्यरत हूं. मैंने यहां अपने कार्यकाल की शुरुआत अगस्त 2024 से की थी. बीते 1 साल में मैंने कई बीट्स पर काम किया है. हेल्थ बीट से शुरुआत करते हुए आज मैं यूटिलिटी और देश-विदेश की खबरों पर भी काम कर रही हूं. हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों में मेरा विशेष ध्यान आयुर्वेद, घरेलू उपचार, लाइफस्टाइल हेल्थ टिप्स और आधुनिक चिकित्सा पर आधारित प्रामाणिक और विशेषज्ञ-प्रामाणित जानकारी लोगों तक साझा करना रहा है. रोजमर्रा की देश और दुनिया से जुड़ी खबरों पर भी सक्रिय रूप से काम कर रही हूं. यूटिलिटी में सब्सिडी, पेंशन और योजनाओं के बारे में बताना मेरी विशेषता है. पत्रकार और कंटेंट राइटर बनकर अपने शब्दों से लोगों को सही और सटीक जानकारी बताना है. मेरी स्कूल शिक्षा दिल्ली के जानकी देवी कन्या विद्याल्य से हुई है. इसके बाद मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई नोएडा के ISOMES मीडिया कॉलेज से की थी. आप मुझसे इन प्लेटफॉर्म्स पर जुड़ सकते हैं. @namrata0105_m

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