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ट्रंप ने फिर फोड़ा टैरिफ बम, ईरान के साथ व्यापार करने वाले देश अमेरिका को देंगे 25% अतिरिक्त टैक्स

Donald Trump Tariff News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है. अब उन्होंने ईरान में शांति और सुशासन की स्थापना के लिए दुनियाभर के कई देशों पर टैरिफ बम फोड़ दिया है. इस टैरिफ बम का नुकसान ईरान के साथ-साथ कई देशों को उठाना पड़ेगा, खासकर तेल व्यापार के मामले में.

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राष्ट्रपति ट्रंप ने नाटो देशों के प्रति बेहद आक्रामक रुख अपना लिया है.

Donald Trump Tariif Threat: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया पर फिर टैरिफ बम फोड़ा है. राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर एक पोस्ट में लिखा है कि तत्काल प्रभाव से उस सभी देशों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगेगा, जो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करते हैं. यह आदेश अंतिम और निर्णायक है. आदेश का पालन किसी भी कीमत पर सुनिश्चित किया जाएगा.

ईरान में शांति की स्थापना मकसद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वे ईरान में शांति और सुशासन चाहते हैं और इसके लिए चाहे कुछ करना पड़े, वे करेंगे. ईरान में 28 दिसंबर से हिंसा और आंदोलन देख रहा हूं, जिसका ईरान की सरकार दमन कर रही है. 500 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और निर्दोष लोगों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी. ईरान को हमले की धमकी के बीच टैरिफ लगाकर सख्त कार्रवाई की जा रही है.

दबाव डालने के लिए लगाया टैरिफ

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान कहा कि ईरान से व्यापार करने वालों पर टैरिफ लगने से आर्थिक दबाव पड़ेगा, तो वे ईरान पर दबाव डालेंगे कि अली खामेनेई को सत्ता से हटाकर सुशासन की स्थापना करें और जनता की सरकार बनाएं. ईरान के हालातों को देखते हुए ही यह फैसला किया है. पहले से डगमगा रही ईरान की आर्थिक व्यवस्था को और तोड़ने के लिए ही ईरान के सहयोगियों पर टैरिफ लगाया है.

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यह भी पढ़ें: खामेनेई की मुश्किलें बढ़ाएंगे ट्रंप, एलन मस्क के जरिए प्रदर्शनकारियों तक इंटरनेट पहुंचाने की तैयारी में

अमेरिका के रिश्ते भी होंगे प्रभावित

ट्रंप ने यह भी माना है कि बेशक टैरिफ लगने से भारत, तुर्की, चीन, संयुक्त अरब अमीरात समेत दुनियाभर के देशों से अमेरिका के रिश्ते भी प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन ईरान के भले के लिए यह फैसला लेना जरूरी था. टैरिफ को कब से और कैसे लागू किया जाएगा? किन देशों पर इसका असर पड़ेगा और किसे इससे छूट मिलेगी या नहीं? इसका फैसला अभी नहीं लिया गया है.

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ईरान में क्यों चल रहा आंदोलन?

बता दें कि ईरान में अली खामेनेई की सत्ता के खिलाफ 28 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन और हिंसक आंदोलन जारी है, क्योंकि ईरान के लोग महंगाई और आर्थिक संकट से तंग आ चुके हैं. इसलिए लोग अपने हक की लड़ाई के लिए मैदान में उतरे हैं और अली खामेनेई को सत्ता से हटाकर ईरान से निर्वासित रेजा पहलवी के बेटे क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की सरकार चाहते हैं.

यह भी पढ़ें: ‘अगर गुस्ताखी की तो…’, अब ईरान ने अमेरिका और इजराइल को दी अटैक की खुली चेतावनी

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अमेरिका पर भड़के अली खामेनेई

हिंसक आंदोनल में अब तक 500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं और 16000 से ज्यादा हिरासत में हैं. अमेरिका और ट्रंप सरकार ईरान की जनता के साथ है. राष्ट्रपति ट्रंप ईरान पर हमला करने की धमकी दे चुके हैं. वहीं ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और ईरानी नेता ईरान के हालातों के लिए अमेरिका और इजरायल को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं और अमेरिका को चेतावनी दे चुके हैं.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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