Trump announces tariff on non US made movies: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोमवार को संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर बनाई गई सभी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने का ऐलान किया. उन्होंने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर नए फैसले की जानकारी दी. इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने दुनियाभर के 150 से ज्यादा देशों पर 10 से 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया हुआ है.पोस्ट में ट्रम्प ने लिखा कि जैसे बच्चे से कैंडी चुराते हैं, वैसे ही विदेशी प्लेयर्स ने अमेरिका के फिल्म उद्योग को चुरा लिया है. इसका सबसे अधिक असर कैलिफोर्निया में देखने को मिला है. दूरगामी परिणामों से बचने के लिए उन्हें संयुक्त राज्य अमेरिका के बाहर बनने वाली सभी फिल्मों पर 100% टैरिफ लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है. अमेरिका से बाहर बनी फिल्मों पर कानूनी तौर से कैसे फैसला लागू होगा? यह अभी तय नहीं है।
ट्रंप की मजबूरी को समझें
अमेरिका में शूट होने वाली भारतीय फिल्मों में करीब 100 मिलियन खर्च होता है। मीडिया रिपोटर्स के अनुसार अमेरिका भारतीय सिनेमा के लिए सबसे अहम विदेशी मार्केट है। आंकड़े बताते हैं कि भारतीय फिल्मों की वर्ल्डवाइड कलेक्शन का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा अमेरिकी बॉक्स ऑफिस से आता है। ट्रंप ने बीते दिनों ही स्टेटमेंट दी थी कि हॉलीवुड समेत अमेरिका के काफी सेक्टर बर्बाद हो रहे हैं। वो अमेरिका में ही दोबारा फिल्मों को बनते देखना चाहते हैं।
फार्मा इंडस्ट्री पर लगाया है 100 प्रतिशत टैरिफ
राष्ट्रपति ट्रंप के इस नए टैरिफ का ऐलान 26 सितंबर को फार्मा इंडस्ट्री पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद किया. गौरतलब है कि ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल अकाउंट पर पोस्ट लिखकर नए टैरिफ लगाने के फैसले के बारे में बताया. उन्होंने लिखा कि 1 अक्टूबर 2025 से किसी भी ब्रांडेड या पेटेंटेड मेडिसिन पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगा देंगे. यह टैरिफ उन कंपनियों पर लगेगा, जिनकी अमेरिकी में दवा निर्माण फैक्ट्री नहीं है. अगर अमेरिका में फैक्ट्री या प्लांट लगाया है और उसमें दवा निर्माण कार्य शुरू हो चुका है तो टैक्स नहीं लगेगा.
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क्या है टैरिफ लगाने का मकसद?
राष्ट्रपति ट्रंप के फार्मा इंडस्ट्री पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का मकसद अमेरिका फर्स्ट पर फोकस है, क्योंकि वे अमेरिका में ही मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देना चाहते हैं और देश के बजट घाटे को कम करना चाहते हैं. वे चाहते हैं कि दवा निर्माता कंपनियां अमेरिका में ही प्लांट लगाकर दवाइयों का निर्माण करें. इससे जहां अमेरिका में रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दवाइयों के लिए अमेरिका की दूसरे देशों पर निर्भरता भी कम हो जाएगी. वहीं दवाओं के दामों में भी पारदर्शित आएगी. ट्रंप ने कहा कि जिन कंपनियों ने अमेरिका में संयंत्रों का निर्माण शुरू कर दिया है, उन्हें नए टैरिफ से छूट दी जाएगी.
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