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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 2.19 करोड़ की ठगी, IFSO ने किया इंटर-स्टेट साइबर गैंग का भंडाफोड़

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी करने वाले इंटर-स्टेट साइबर गिरोह का पर्दाफाश कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने फर्जी पुलिस और CBI अधिकारी बनकर 78 वर्षीय बुजुर्ग से 2.19 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की.

दिल्ली पुलिस की IFSO यूनिट ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े इंटर-स्टेट साइबर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 5 आरोपियों को मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया है. गिरोह ने एक 78 वर्षीय बुज़ुर्ग को पुलिस और CBI अधिकारी बनकर डराया और 2 करोड़ 19 लाख रुपये की ठगी की.

आरोपियों ने खुद को लखनऊ पुलिस और CBI अधिकारी बताकर पीड़ित को मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तारी का डर दिखाया. इसके बाद उसे व्हाट्सएप वीडियो कॉल के जरिए 24 घंटे निगरानी में रखा गया, घर से बाहर न निकलने और किसी से बात न करने की हिदायत दी गई. ठगों ने फर्जी CBI ऑफिस और नकली वकील तक का सहारा लिया.

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डर और दबाव में आकर पीड़ित ने 26 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 के बीच अलग-अलग खातों में ₹2.19 करोड़ ट्रांसफर कर दिए. मामले में e-FIR संख्या 151/2025 दर्ज कर जांच शुरू की गई. जांच के दौरान IFSO टीम ने डिजिटल ट्रेल, बैंक अकाउंट एनालिसिस और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंच बनाई. पहले बारवानी (MP) से दो आरोपी पकड़े गए, जिनके खातों में 1 करोड़ रुपये पहुंचे थे. इसके बाद लखनऊ के एक होटल से तीन और आरोपी गिरफ्तार किए गए, जो म्यूल अकाउंट्स के जरिए पैसों की लेयरिंग कर रहे थे.

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पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, 20 डेबिट कार्ड, चेकबुक, फर्जी फर्मों की रबर स्टैम्प और आधार कार्ड की कॉपियां बरामद की हैं.


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