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हवाई में भयंकर चक्रवाती तूफान का अलर्ट, तट से कब टकराएगा हरिकेन KIKO? क्या भारत पर पड़ेगा असर

Cyclonic Storm Update: चक्रवाती तूफान KIKO हवाई द्वीप में तबाही मचाने के लिए तैयार है। हालांकि तूफान का असर भारत पर नहीं पड़ेगा, लेकिन कैटेगरी-4 का तूफान हवाई के समुद्र तट से अगले 2 में टकरा सकता है, जिससे हवाई में भयंकर तूफानी हवाएं चलने के साथ-साथ भारी बारिश होगी और समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठ सकती हैं।

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प्रशांत महसागर में पिछले 5 दिन से हरिकेन KIKO एक्टिव है।

Hurricane KIKO Landfall Update: प्रशांत महासागर में उठा चक्रवाती तूफान KIKO भयंकर स्पीड से आगे बढ़ रहा है और हवाई द्वीप के समुद्री तट से टकराने के लिए तैयार है। हरिकेन KIKO इस समय कैटेगरी-4 का तूफान है और 145 मील प्रति घंटा (230 किलोमीटर प्रति घंटा) की रफ्तार वाली उष्णकटिबंधीय तूफानी हवाएं भारी बारिश और समुद्र की 10 से 15 फीट (3 से 4.5 मीटर) ऊंची लहरें के साथ 8 सितंबर दिन सोमवार को हवाई के कुछ हिस्सों में तबाही मचा सकती है।

आज यह है तूफान की स्थिति

नेशनल हरिकेन सेंटर मियामी के अनुसार, आज 7 सितंबर को हरिकेन Kiko हवाई द्वीप से लगभग 1560 मील (2510 किलोमीटर) पूर्व-दक्षिणपूर्व दिशा में है और अब यह तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में 9 मील प्रति घंटा (15 किलोमीटर प्रति घंटा) की स्पीड से आगे बढ़ने लगा है। हालांकि, तूफान अगले कुछ दिन में दक्षिण-पश्चिमी हवाओं (वर्टिकल विंड शीयर) के कारण धीरे-धीरे कमजोर हो सकता है, लेकिन हवाई द्वीप तक पहुंचने तक चक्रवाती तूफान कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में तब्दील हो जाएगा।

हवाई में इमरजेंसी घोषित

बता दें कि हरिकेन KIKO के प्रभाव को देखते हुए हवाई में इमरजेंसी घोषित कर दी गई है, क्योंकि विनाशकारी और जानलेवा हवाएं और समुद्री लहरें उठाने की संभावना है। आपातकाल 19 सितंबर तक लागू रहेगा। हवाई के कार्यवाहक गवर्नर सिल्विया ल्यूक ने कहा है कि लोगों की सुरक्षा और तूफान से बचाव की तैयारी सुनिश्चित करने के लिए तैयार हैं। हवाई के निवासियों और टूरिस्टों से आग्रह है कि वे तूफान से जुड़े अपडेट पर नजर रखें। आधिकारिक दिशानिर्देशों का पालन करें और प्रोटोकॉल के अनुसार ही सहयोग करें।

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कहां तक जाएगा तूफान?

बता दें कि हरिकेन KIKO मंगलवार 9 सितंबर 2025 तक हवाई द्वीप पहुंचेगा और सबसे पहले द्वीप के उत्तरी हिस्से से टकराएगा। इसके बाद 10 और 11 सितंबर के बीच हवाई द्वीप के पूर्वी हिस्सों बिग आइलैंड और माउई तक पहुंचेगा, जहां 4 से 8 इंच भारी बारिश और 60 मील प्रति घंटा (96 किलोमीटर प्रति घंटा) की स्पीड से हवाएं चलने की संभावना है। बाढ़ और भूस्खलन का खतरा भी है। कुल मिलाकर सोमवार देर रात से लेकर सप्ताह के मध्य तक चक्रवाती तूफान हवाई द्वीप के पूर्वी हिस्सों में पूरी ताकत से टकराएगा।

भारत पर क्या असर पड़ेगा?

बता दें कि हरिकेन KIKO प्रशांत महासागर में उठा है, जिसका भारत पर प्रत्यक्ष रूप से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि हिंद महासागर और बंगाल की खाड़ी के कारण प्रशांत महासागर में उठने वाले तूफान भारत तक नहीं पहुंच पाते। KIKO का रूट और असर भारत के समुद्र तटीय इलाकों से काफी दूर रह है और नेशनल हरिकेन सेंटर मियामी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि तूफान के हिंद महासागर की ओर जाने की उम्मीद नहीं है। बंगाल की खाड़ी या हिंद महासागर में भी अभी कोई तूफान उठने की संभावना नहीं है।

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