Venezuela Chinese radars Fail to assume American attack: वेनेजुएला में 3 जनवरी 2026 को अमेरिका के 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिजॉल्व' (Operation Absolute Resolve) के दौरान चीन के रडार सिस्टम पूरी तरह से विफल रहे. आपको बता दे कि वेनेजुएला ने JYL-1 और JY-27A रडार चीन से खरीदा था. खरीदने के बाद वेनेजुएला के सैनिकों ने जश्न भी मनाया था, लेकिन इन सैनिकों ने यह कभी नही सोचा था कि जिस रडार के आने और वह खुशी मना रहे हैं, यही रडार इन्हें धोखा देने वाला है, नतीजा यह हुआ कि अमेरिकी हमले में वेनेजुएला की चीनी JYL-1 और JY-27A रडार, जिन्हें स्टेल्थ हंटर भी कहा जाता है,यह सिर्फ नाम का ही हंटर साबित हुआ, अमेरिकी फाइटर जेट की किसी भी गतिविधियों को पकड़ में नही ला पाया. इतना ही नही वेनेजुएला ने जितनी भी एयर डिफेंस सिस्टम चीन से खरीदी थी,वह भी पूरी तरह से फेल साबित हो गई.
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रडार सिस्टम क्यों होते हैं फेल?
साइबर एक्सपर्ट पवन दुग्गल और भारतीय थल सेना के एक मेजर के मुताबिक रडार सिस्टम को तभी फेल किया जा सकता है जिनके पास एडवांस जैमिंग टेक्नोलॉजी हो जो रडार सिग्नल को ब्लॉक चंद सेकंड में कर दे. इसके अलावा कई बार ऐसा देखा गया है कि हाई टेकनीक वाला रडार कई देश खरीद तो लेते हैं लेकिन उसे कैसे ऑपरेट किया जाए,इनकी ट्रेनिंग में कमी रह जाती है. साथ ही समय समय पर इसे अपडेट नही करना और मेंटेनेंस में कमी रखना भी एक वजह बनती है.
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पाकिस्तान ने भी भुगता था खामियाजा
चीनी समान और रक्षा रडार का धोखा सिर्फ वेनेजुएला ने ही नही मिला,बल्कि ऑपेरशन सिंदूर के समय जिस चीनी रडार को पाकर पाकिस्तान खुश हो रहा था वही रडार भी पूरी तरह से फेल साबित हो गया था,जब इंडियन एयरफोर्स के फाइटर जेट पाकिस्तान में घुस कर 9 आतंकी अड्डो को तबाह कर दिया था,उस दौरान पाकिस्तनी सैनिकों को भनक तक नही लगी थी. आपको बता दे कि पाकिस्तान के चीनी रडार HQ-9, LY-80 भारतीय मिसाइलों और ड्रोनों को डिटेक्ट नहीं कर पाए थे.
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