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UK ने Study Visa नियमों में किए ये बड़े बदलाव; भारतीय छात्रों को होगा फायदा या नुकसान?

World News in Hindi: यूके ने लगातार अपने यहां बढ़ रही विदेशी छात्रों की तादाद को देखते हुए वीजा नियमों में बदलाव किए हैं। जिसके बाद माना जा रहा है कि भारतीय छात्रों पर भी बदलाव का असर दिखेगा। अब नियमों के सख्त होने के बाद अधिकतर छात्र यूके का रुख नहीं कर पाएंगे। बदलावों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

World Latest News: यूके लंबे समय से पढ़ाई के लिए भारतीयों की पहली पसंद रहा है। यूके की कई यूनिवर्सिटीज में पढ़ाई के लिए अनुकूल माहौल है। जिसके कारण यहां दुनिया भर से विद्यार्थी आते हैं। अपने लक्ष्य को हासिल करने, अंग्रेजी का अभ्यास करने और इस देश की जीवंत संस्कृति को देखते हुए हर साल लाखों विद्यार्थी यहां आते हैं। 2023 की बात करें तो दुनिया भर के 679970 से अधिक छात्रों ने पढ़ाई के लिए यूके का रुख किया था। छात्रों की बढ़ती तादाद को देखते हुए यूके ने अब अपने वीजा नियमों में बदलाव किए हैं। यह भी पढ़ें:फ्लाइट में बैग फटने से मची अफरा-तफरी, धुएं के बीच करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग; जानें मामला नए नियमों के लागू होने से आवेदन प्रक्रिया प्रभावित होगी। पहले स्नातकोत्तर और शोध करने वाले विद्यार्थियों को अपनी पत्नी, बच्चों या परिजनों को साथ लाने की परमिशन थी। लेकिन अब सिर्फ शोध (PHD) करने वालों को ही इसकी अनुमति होगी। अन्य विद्यार्थियों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। नए नियमों में वित्तीय बदलाव भी किए गए हैं। मासिक रखरखाव राशि में इजाफा किया गया है।

मासिक रखरखाव राशि में इजाफा

पहले लंदन में पढ़ने वालों के लिए £1334 (1,47,564.32 रुपये) और लंदन से बाहर वालों के लिए £1023 (1,13,160.86 रुपये) की शर्त थी। अब जनवरी 2025 से लंदन में रहने वालों के लिए प्रति माह £1483 (1,64,046.89 रुपये) और लंदन से बाहर के छात्रों को £1136 (1,25,679.85 रुपये) की शर्त पूरी करनी होगी। 2020 के बाद इस राशि में परिवर्तन किया गया है। एक अन्य बदलाव भी किया गया है। लंदन में रहने वालों को अब तक वीजा स्विच की अनुमति थी। यानी पढ़ाई पूरी करने के बाद वे दो साल यहां रह सकते थे। वहीं, शोधार्थियों के लिए यह अवधि 3 साल थी। अब वीजा में बदलाव नहीं हो सकेगा। ग्रेजुएट वीजा का पात्र होने से पहले अपना कोर्स पूरा करना होगा। छात्रों की वीजा समाप्ति तिथि आमतौर पर कोर्स की अवधि पर निर्भर है।

अब नहीं मिलेगा ग्रेस पीरियड का लाभ

अब ग्रेस पीरियड नहीं होने पर कोर्स अवधि को देखते हुए वीजा खत्म होने पर इसे रिन्यू करवाना होगा। अगर विद्यार्थी वीजा को रिन्यू नहीं करवाता तो इसके खत्म होने के बाद चांस नहीं मिलेगा। उसे ब्रिटेन छोड़ना होगा। पहले ग्रेजुएट वीजा के लिए यूके के बाहर से भी अप्लाई किया जा सकता था। लेकिन अब आवेदक का यूके में शारीरिक तौर पर मौजूद होना जरूरी है। वर्तमान वीजा समाप्ति से पहले आवेदन करना जरूरी है। वहीं, 2024 से पहले यूके में रह रहे परिजनों को वीजा बढ़ाने की अनुमति जारी रखी गई है। जब तक छात्र का वीजा वैध रहेगा, ये नियम उन पर भी लागू होगा। नए नियमों के लागू होने से पहले जो लोग यूके में रह रहे हैं, उन पर ये नियम लागू होगा। जो यूके में रहना चाहते हैं, वे वर्क वीजा स्विच करने का विकल्प तलाश सकते हैं। यदि वे स्किल्ड वर्कर का मानदंड पूरा करते हैं तो आवेदक स्टडी के बजाय रोजगार के आधार पर यूके में रहने का ऑप्शन चूज कर सकते हैं। हालांकि सभी को ऐसा करने की अनुमति नहीं है। सिर्फ पोस्ट स्टडी वर्क (PSW) की शर्तें पूरी करने वाले ही ऐसा कर सकते हैं। यानी उन परिवारों को यूके में रहने का मौका मिलेगा, जिनके छात्र पढ़ाई के बाद काम पर चले गए थे। जनवरी 2024 के बाद काम पर जाने वालों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। ये भी पढ़ेंः गार्डन में दफन 2 शिशुओं के शव, गूगल पर सर्च किया ‘गर्भपात कैसे करें’, 22 साल की बेबीसिटर कौन?


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