America Warns Russia: मिडिल ईस्ट की जंग में ईरान को रूस की मदद मिली तो अमेरिका टेंशन में आ गया। बस फिर क्या था, राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने दूत के जरिए रूसी राष्ट्रपति पुतिन को मैसेज पहुंचा दिया कि वह ईरान से दूर रहे। ईरान को अमेरिका के खिलाफ किसी तरह की मदद ने करे। मिडिल ईस्ट में अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ के जरिए रूस से कहा गया है कि वह ईरान को टारगेटिंग जानकारी और दूसरी मदद न भेजे।
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रियल टाइम इंटेलिजेंस ईरान को दे रहा रूस
बता दें कि ईरान के खिलाफ जंग में रूस सीधे तौर पर किसी का समर्थन नहीं कर रहा। लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से वह ईरान की मदद कर रहा है। इसकी खुफिया जानकारी अमेरिकी को लगी तो हड़कंप मच गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी टेंशन में आ गए। अमेरिका को पता चला कि रूस ने ईरान को अमेरिका के सैन्य ठिकानों की रियल टाइम इंटेलिजेंस दी है, जिस वजह से ईरान ने अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले करके काफी नुकसान पहुंचाया।
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ट्रंप की मौजूदगी में विटकॉफ का खास संदेश
रूस की हरकत का पता चलने के बाद अमेरिका ने रूस को साफ-साफ संदेश भेजा है कि वह तेहरान से दूर रहे। उन्हें किसी तरह की जानकारी न दें। वहीं राष्ट्रपति ट्रंप की मौजूदगी में विटकॉफ ने यह भी कहा कि हालांकि रूस की मदद से ईरान को कोई खास मदद नहीं मिल रही है और न ही इससे जंग पर असर पड़ रहा है, लेकिन अगर रूस इसी तरह ईरान की मदद करता रहा तो इस पर अमेरिका एक्शन लेने के लिए मजबूर हो सकता है।
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रूस और ईरान के संबंध पुराने और मजबूत
बता दें कि रूस ने यूक्रेन के खिलाफ जंग जारी रखने के लिए ईरान के साथ रिश्ते मजबूत किए हुए हैं। रूस को ईरान से मिसाइलें और ड्रोन मिलते हैं। इसलिए परमाणु कार्यक्रम और हिजबुल्लाह, हमास और हूती आतंकी संगठनों से संबंधों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़े ईरान को रूस काफी सहयोग करता है। इसलिए रूस ने इजरायल और अमेरिका के ईरान पर हमलों की निंदा की। खामेनेई की मौत पर भी शोक जताया था।