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अमेरिका-ईरान की शांति वार्ता आज, फेल हुई तो क्या होगा? अमेरिकी नागरिकों को मुस्लिम देश छोड़ने का आदेश

US Iran Nuclear Deal: अमेरिका और ईरान के बीच आज शांति वार्ता होने वाली है. कतर और तुर्किये की मध्यस्थता में दोनों देश टेबल पर बैठेंगे. वहीं ओमान इस बैठक की मेजबानी करेगा. बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल और ईरान के विदेश मंत्री ओमान रवाना हो गए हैं.

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ट्रंप और खामेनेई एक दूसरे को खत्म करने की चेतावनी दे चुके हैं.

US Iran Tension Update: अमेरिका और ईरान का तनाव चरम पर है और मिडिल ईस्ट में हालात काफी नाजुक हैं. डोनाल्ड ट्रंप और अली खामेनेई दोनों आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं. फिर भी दोनों कूटनीति से विवाद सुलझाने के लिए प्रयासरत हैं, जिसके तहत आज ओमान की राजधानी मस्कट में दोनों पक्ष आमने-सामने बैठेंगे. अमेरिका ने कुछ शर्तें रखी हैं, वहीं ईरान सिर्फ न्यूक्लियर डील की बात कह रहा है. ऐसे में अगर आज की वार्ता फेल हो गई तो ईरान के साथ पूरा मिडिल ईस्ट जलेगा.

अमेरिका ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी

ईरान से शांति वार्ता से पहले अमेरिकी विदेश विभाग ने ‘Level 4: Do Not Travel’ एडवाइजरी जारी की है, जिसके तहत सभी अमेरिकी नागरिकों से देश छोड़ने की तत्काल अपील की गई है. चेतावनी दी गई है कि देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शन हिंसक हो सकते हैं. विदेश विभाग के प्रवक्ता मैथ्यू मिलर ने बयान में कहा कि सभी अमेरिकियों से ईरान तुरंत छोड़ने का आग्रह है. यह भी सलाह है कि हवाई मार्गों की बजाय लैंड बॉर्डर्स खासकर तुर्की और आर्मेनिया की सीमाओं का इस्तेमाल करें. ईरान ने अमेरिकी नागरिकों के लिए वीजा प्रतिबंध लगाए हुए हैं, जिससे इस वक्त ईरान में अमेरिकियों की संख्या घटकर लगभग 40 रह गई है.

ओमान मेजबान और 3 देश करेंगे मध्यस्थता

बता दें कि ओमान में अमेरिका और ईरान की बातचीत कतर-तुर्किए और मिस्र की मध्यस्थता से होगी. मेजबानी ओमान के विदेश मंत्री बदर अल बुसैदी करेंगे. वहीं ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और अमेरिका की ओर से जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ बातचीत करेंगे. लेकिन अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो दोनों देशों के बीच कोई समझौता न होने की बात कह चुके हैं, वहीं खामेनेई भी चेतावनी दे चुके हैं कि डील सिर्फ न्यूक्लियर पर हो सकती है, कोई और शर्त मंजूर नहीं करेंगे.

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समझौता नहीं हुआ तो मिडिल ईस्ट जलेगा?

बता दें कि अगर ईरान और अमेरिका के बीच आज होने वाली बातचीत फेल हो गई तो जंग छिड़ सकती है, जिसकी खामियाजा पूरे मिडिल ईस्ट को भुगतना पड़ सकता है. क्योंकि ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई चेतावनी दे चुके हैं कि अगर अमेरिका का हमला हुआ तो सिर्फ ईरान युद्ध नहीं लड़ेगा, बल्कि पूरे मिडिल ईस्ट को साथ आना पड़ेगा, वहीं ट्रंप भी खामेनेई को बंकर समेत उड़ाने की धमकी दे चुके हैं. इसके अलावा भी अमेरिका ने ईरान पर हमला करने के लिए 5 टारगेट फाइनल किए हुए हैं.

अमेरिका और ईरान में ऐसे बढ़ रहा तनाव

बता दें कि अमेरिका ने अरब सागर में अपना नौसैनिक बेड़ा USS अब्राहम लिंकन तैनात करके पहले से ही ईरान का घेराव किया हुआ है. वहीं ईरान ने भी अपनी सेना को अलर्ट मोड में रखा हुआ है. सभी 12 परमाणु ठिकानों के आस-पास ड्रोन और फाइटर जेट तैनात करके किलेबंद कर रखी है. सबसे खतरनाक परमाणु ठिकाना बुशेहर है, जिस पर हमला हुआ तो सभी अरब देशों में हाहाकार मच सकता है. वहीं ईरान ने भी धमकी दी हुई है कि वह मिडिल ईस्ट में बने अमेरिका के सैन्य ठिकानों पर हमला करेगा.

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समझौते की गुंजाइश नहीं, ट्रंप भी अड़े हैं

बता दें कि ईरान और अमेरिका के बीच शांति समझौता होने की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि अमेरिका अपनी 3 शर्तों पर अड़ा है और ईरान सिर्फ न्यूक्लियर डील चाहता है. ईरान के चीफ ऑफ स्टाफ मेजर जनरल सैय्यद अब्दुलरहीम मूसावी अमेरिका को खुली चुनौती दे चुके हैं और कह चुके हैं कि ईरान का अंडरग्राउंड मिसाइल सेंटर तैयार है. मूसावी ने कह दिया है कि मिसाइल प्रोग्राम बंद नहीं होगा, बल्कि मिसाइल से हमला होगा और अमेरिका की एक गलती की कीमत उसके लोगों को चुकानी पड़ेगी. ओमान में होने वाली शांति वार्ता के रिजल्ट का इंतजार है और फिर खामेनेई सरकार के एक इशारा होने की देर है, फिर देखो तमाशा.

ट्रंप का टारगेट खामेनेई और तख्तापलट

उधर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मकसद भी साफ है. वे ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम, मिसाइल प्रोग्राम, खामेनेई का खात्मा चाहते हैं और ईरान में तख्तापलट चाहते हैं. इसके लिए सैन्य और कूटनीतिक प्लान तैयार है. ट्रंप के टारगेट के रास्ते में ईरान की सेना खड़ी है, जिसे तबाह करने के लिए प्लान तैयार है. ऐसे में ट्रंप भी बस ओमान में होने वाली बैठक के नतीजे का इंतजार कर रहे हैं, जो फेल हुई तो उसके बाद खाड़ी देशों में बारूद ही बारूद बरसेगा.

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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