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बांग्लादेश में एक और हिंदू की निर्मम हत्या, अल्पसंख्यकों के लिए पड़ोसी देश कब होगा सुरक्षित?

170 मिलियन आबादी वाले बहुसंख्यक मुस्लिम देश बांग्लादेश में हिंदू और सूफी मुसलमान जैसे अल्पसंख्यक कुल 10 प्रतिशत से भी कम हैं, लेकिन हालिया अशांति ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं.

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बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं की हालत पाकिस्तान के हिंदुओं जैसी हो गई है. बांग्लादेश को अब दुनिया का दूसरा पाकिस्तान कहें तो गलत नहीं होगा, क्योंकि यहां भी अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार खत्म होने का नाम नहीं ले रहे. भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में सोमवार को एक और हिंदू युवक की निर्मम हत्या ने मोहम्मद युनुस सरकार के नाकामी की पोल खोल दी है. प्राप्त जानकारी के मुताबिक बांग्लादेश के चटगांव जिले के डागनभुयां में रविवार रात एक हिंदू ऑटो चालक समीर दास की निर्मम हत्या कर दी गई, जो अल्पसंख्यक समुदायों पर बढ़ते हमलों की ताजा कड़ी बन गई.

ऑटो रिक्शा लूटकर फरार हमलावर


28 वर्षीय समीर को हमलावरों ने पहले पीटा और चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी. हमलावर इतने पर ही नहीं रुके समीर की मौत के बाद बैटरी से चलने वाला ऑटो रिक्शा लूटकर फरार हो गए. स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना पूर्व नियोजित लगती है और पीड़ित परिवार प्राथमिक सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने जा रहा है. पुलिस ने अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी है.

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हिंदुओं पर हिंसा के मामले बढ़े


170 मिलियन आबादी वाले बहुसंख्यक मुस्लिम देश बांग्लादेश में हिंदू और सूफी मुसलमान जैसे अल्पसंख्यक कुल 10 प्रतिशत से भी कम हैं, लेकिन हालिया अशांति ने उनकी चिंताएं बढ़ा दी हैं. बांग्लादेश हिंदू बौद्ध क्रिश्चियन यूनिटी काउंसिल ने पूरे देश में अल्पसंख्यकों पर हमलों की बाढ़ पर गहरी चिंता जताई है. गौर करने वाली बात ये है कि फरवरी के राष्ट्रीय चुनाव नजदीक हैं ऐसे समय में भी देश की सरकार कोई ठोक कदम नहीं उठा रही है.

भारत ने की आलोचना


भारत की तरफ से पहले भी ऐसी घटनाओं की कठोर निंदा की गई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायस्वाल ने बीते शुक्रवार को कहा कि भारत पड़ोसी देश में अल्पसंख्यकों, उनके घरों और कारोबार पर चरमपंथियों के हमलों का सिलसिला देख रहा है, जिन्हें तत्काल और कड़ाई से रोका जाना चाहिए. जायस्वाल ने कहा कि ऐसी उपेक्षा अपराधियों को हौसला देती है और अल्पसंख्यकों में भय का माहौल पैदा करती है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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