Shani Grah Impact: अगर किसी के 7वें भाव में शनि अशुभ भाव में होता है तो यह वैवाहिक जीवन और लव लाइफ के लिए मुश्किल भरा होता है. 7वें भाव में शनि अशुभ हो लेकिन इसके ऊपर किसी शुभ ग्रह की दृष्टि हो तो सही रहता है वरना जीवनसाथी का चयन करने में परेशानी होती है. इसके कारण वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं होता है. इससे पति-पत्नी के संबंध में आकर्षण की कमी होती है.
शनि के अशुभ होने से जीवनसाथी की वाणी कठोर होती है और इसके कारण कलेश होता है. रिश्ते बार-बार टूट जाते हैं. वैवाहिक जीवन में अक्सर कलेश बना रहता है. अगर कुंडली के 7वें भाव में शनि अशुभ रहता है तो पति-पत्नी अलग ही रहते हैं. कई बार नौकरी के कारण तो कई बार कलेश के कारण दोनों को अलग रहना पड़ता है. इसके बारे में अधिक जानने के लिए ऊपर दिए गए वीडियो को देखें.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.