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क्या मिडिल ईस्ट में तबाही मचेगी! ईरान समर्थक यमन का क्या है प्लान?

Middle East Countries: डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति पद की शपथ लेते ही मिडिल ईस्ट के देशों में तबाही मचाने की चर्चा है। हूती विद्रोही भी लगातार अमेरिका के समुद्री जहाजों पर हमला कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि इन दोनों बातों का आपस में क्या कनेक्शन है?

Middle East Countries War Update: 20 जनवरी 2025 अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे, लेकिन वह मिडिल ईस्ट को खासकर गाजा के आतंकी संगठन हमास को लगातार चेतावनी दे रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप इजराइल के समर्थक माने जाते रहे है, इसलिए इजराइल ने गोलान हाइट्स में एक इलाके का नाम ट्रंप हाइट्स रखने का फैसला लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आभार व्यक्त किया, क्योंकि 2019 में डोनाल्ड ट्रंप ने गोलान हाइट्स पर इजराइल की संप्रभुता को मान्यता दी थी। ट्रंप के राष्ट्रपति चुनाव जीतते ही सीरिया में तख्ता पलट हो गया। अब यह कहा जा रहा है कि ट्रंप के राष्ट्रपति बनते ही मिडिल ईस्ट में जमकर तबाही मचेगी, लेकिन ऐसे कई जानकार भी हैं, जो मानते हैं कि ट्रंप के आने से स्थिति में कुछ ज्यादा बदलाव नहीं आएगा।हिजबुल्ला, हमास और ईरान इजराइल से जंग कर रहे हैं और आर्थिक-सामाजिक तौर पर काफी कमजोर हो चुके हैं, लेकिन ईरान और फिलिस्तीन समर्थक यमन के हूती विद्रोहियों ने अभी तक मोर्चा संभाला हुआ है। हूती विद्रोही के लीडर साफ कह चुके हैं कि जब तक गाजा से इजराइल नहीं चला जाता, युद्ध को नहीं रोका जाता, तब तक हमले जारी रहेंगे। यमन के पास अभी 8 लाख सैनिक हैं और अमेरिका ने भी अपनी तैयारी पूरी कर ली है। आखिर क्या मामला है, जानने के लिए देखें News24 की यह स्पेशल रिपोर्ट...


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