Video: Guru Gochar 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के गुरु, देवगुरु बृहस्पति एक राशि में फिर से प्रवेश के लिए 12 साल का समय लगाते हैं। जबकि, एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश के लिए करीब 12 महीने का समय लगाते हैं। 14 मई, बुधवार को देवगुरु बृहस्पति ने वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश कर लिया है। इसके साथ ही 12 राशियों पर गुरु ग्रह की कृपा सकारात्मक व नकारात्मक प्रभावों के साथ हो रही है। पंडित सुरेश पांडेय ने कर्क राशि पर गुरु गोचर की कृपा कैसी पड़ रही है? इसके बारे में बताया है।
चंद्र की राशि कर्क के लिए गुरु गोचर करना कितना फायदेमंद रहेगा। 18 अक्टूबर से पहले क्या-क्या लाभ हो सकते हैं? कर्क राशि के जातकों के लिए कौन से उपाय करना फलदायक साबित हो सकते हैं। कर्क राशि के लिए गुरु गोचर किन मामलों में अच्छे लाभ के साथ रहेगा? इन सभी के बारे में कर्क राशि के लोग वीडियो के जरिए जान सकते हैं। 18 अक्टूबर तक कर्क राशि वालों के गुरु गोचर करना कैसा रहेगा? आइए वीडियो के जरिए जान लेते हैं।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
संबंधित खबरें
IPL 2027 से पहले हार्दिक पांड्या की हो गई MI से छुट्टी?
10 hrs agoफ्री में कैसे देखें IND vs NZ पहला वनडे? जानें LIVE स्ट्रीमिंग की डिटेल्स
15 hrs agoमां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए सुनहरा मौका, इन 3 राशियों के लिए खास उपाय
16 hrs agoरामलीला की भीड़ पर झगड़ा क्यों? कहां से आया घुसपैठियों का आंकड़ा
1 day agoरिंकू सिंह को भारत की टेस्ट टीम में देखना चाहते हैं यूपी के हेड कोच
1 day agoकुंभ, मकर और तुला राशि के लिए उपाय, बनी रहेगी मां लक्ष्मी की कृपा
1 day ago2 कप्तान, 2 टीमें... वनडे सीरीज के लिए कैसा है टीम इंडिया का स्क्वाड?
1 day ago24 नवंबर से पहले करें गंगाजल वाला उपाय, सुख-सौभाग्य की होगी प्राप्ति
1 day agoइन 5 खिलाड़ियों ने डुबोई टीम इंडिया की लुटिया? गंभीर के फैसले पर उठे सवाल
2 days agoनीता अंबानी के 'अनंत आश्रय' में मिलेगा जीवनभर का सहारा
2 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines