आज के समय में लोग घर बैठे ही ऑनलाइन शॉपिंग करना पसंद करते हैं। मोबाइल पर एक क्लिक से कपड़े, ग्रॉसरी, इलेक्ट्रॉनिक्स से लेकर दवाइयां तक मंगवाई जा सकती हैं। लेकिन जब ऑर्डर गलत डिलीवर हो जाए, खराब हो या प्रोडक्ट नकली निकले और रिटर्न के बाद भी समय पर रिफंड न मिले, तो ये सुविधा सिरदर्द बन जाती है। कई बार कंपनियां ग्राहक की शिकायत को गंभीरता से नहीं लेतीं और रिटेलर या मैन्युफैक्चरर पर जिम्मेदारी डाल देती हैं।
रिटर्न और रिफंड की प्रक्रिया क्या है?
अगर आपने ऑनलाइन कोई सामान मंगवाया है और वह खराब या गलत निकला है, तो सबसे पहले संबंधित वेबसाइट या ऐप पर लॉगिन करके रिटर्न या रिप्लेसमेंट का अनुरोध करें। ध्यान रखें कि ये रिक्वेस्ट एक निश्चित समय सीमा के भीतर करना होता है, जो वेबसाइट पर लिखा होता है। आपके पास ऑर्डर की पुष्टि वाली ईमेल या रसीद होनी जरूरी है।
रिफंड न मिलने पर कहां करें शिकायत?
अगर कंपनी आपके रिटर्न को एक्सेप्ट कर लेती है लेकिन रिफंड समय पर नहीं करती, तो यह ग्राहकों के अधिकारों का उल्लंघन है। ऐसे में ग्राहक को चाहिए कि वह सबसे पहले ग्राहक सेवा (Customer Care) से संपर्क करे। अगर फिर भी समाधान न मिले, तो आप राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर कॉल कर सकते हैं या व्हाट्सएप नंबर 8800001915 पर SMS भेज सकते हैं। इसके अलावा consumerhelpline.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कर सकते हैं।
कंज्यूमर अफेयर्स के द्वारा दी गई जानकारी
कंज्यूमर अफेयर्स मंत्रालय ने अपने आधिकारिक 'X' (पहले ट्विटर) हैंडल पर यह जानकारी साझा की है कि अगर कोई ई-कॉमर्स कंपनी तय समय में रिफंड नहीं देती, तो वह नियमों का उल्लंघन कर रही है। RBI और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम के तहत कंपनियों को उचित समय पर रिफंड देना जरूरी है। कोई भी ग्राहक यदि समय पर रिफंड नहीं पाता है, तो वह उपभोक्ता हेल्पलाइन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है।