NEET-PG 2025-26 के लिए कट-ऑफ को लेकर बदलाव किए गए हैं. नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन (NBEMS) ने खाली सीटों को भरने के लिए क्वालीफाइंग पर्सेंटाइल में ऐतिहासिक कटौती की है. इस नए बदलाव के बाद SC, ST, OBC के उन छात्रों को भी MD, MS और DNB में एडमिशन मिल जाएगा, जिनका परसेंटाइल 0 है या माइनस में अंक है.
नए बदलाव ने चिकित्सा जगत में एक नई बहस छेड़ दी है और इसका काफी विरोध भी हो रहा है. कई डॉक्टरों और विशेषज्ञों का मानना है कि माइनस अंक वाले उम्मीदवारों को विशेषज्ञ डॉक्टर (Specialist) बनने की अनुमति देना चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता और मरीजों की सुरक्षा के साथ समझौता हो सकता है.
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क्या है नई कट-ऑफ?
खाली पड़ी पीजी सीटों (MD/MS/DNB) को भरने के लिए केंद्र सरकार के निर्देश पर कट-ऑफ को घटाकर ‘शून्य’ (Zero Percentile) तक कर दिया गया है. इसका असर अलग-अलग श्रेणियों पर कुछ इस तरह दिखेगा:
- General/EWS के लिए पुरानी कटऑफ 50th Percentile थी. अब नई कटऑफ के तहत 7th Percentile हो गई है. बदलाव के बाद 103 अंक कर दिए गए हैं.
- SC / ST / OBC के लिए पुरानी कटऑफ 40th Percentile थी. अब नई कटऑफ के तहत 0 Percentile हो गई है. बदलाव के बाद -40 अंक कर दिए गए हैं.
- UR-PwBD के लिए पुरानी कटऑफ 45th Percentile थी. अब नई कटऑफ के तहत 5th Percentile हो गई है. बदलाव के बाद 90 अंक कर दिए गए हैं.
माइनस 40 (-40) अंक पाने वाले कैसे होंगे पात्र?
क्योंकि आरक्षित श्रेणियों (SC, ST, OBC) के लिए पर्सेंटाइल को 0 कर दिया गया है, इसका तकनीकी मतलब यही हुआ कि जिस भी छात्र ने परीक्षा दी है और जिसका नाम लिस्ट में है, वह काउंसलिंग के लिए पात्र है.
आपको बता दें कि NEET-PG में नेगेटिव मार्किंग होती है. डेटा के अनुसार, सबसे कम स्कोर लगभग -40 तक गया है. शून्य पर्सेंटाइल का मतलब है कि अब वे सभी उम्मीदवार (जिनके अंक शून्य या उससे कम भी हैं) खाली बची सीटों पर एडमिशन के लिए आवेदन कर सकेंगे.
ऐसा क्यों किया गया?
सरकार और नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) का तर्क है कि हर साल हजारों पीजी सीटें (खासकर नॉन-क्लीनिकल ब्रांच जैसे एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री, फिजियोलॉजी) खाली रह जाती हैं. मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी को दूर करने के लिए इन सीटों को भरना जरूरी है.
आपको बता दें कि पात्र (Eligible) होने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें अपनी पसंद की टॉप ब्रांच (जैसे रेडियोलॉजी या डर्मा) मिल जाएगी. उन्हें केवल उन सीटों पर मौका मिलेगा जो टॉप रैंकर्स ने छोड़ दी है.
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