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दुनिया की इकलौती 'व्हाइट सिटी': घर सफेद…गाड़ियां सफेद, इस शहर में नहीं दिखाई देता कोई और रंग!

White Marble City: दुनिया में एक शहर ऐसा भी है जहां आपको सफेद के अलावा कोई रंग नजर नहीं आएगा. जहां सड़कों पर आपको सिर्फ सफेद गाड़ियां दिखाई देंगी. ये सिर्फ शौक के लिए नहीं है, बल्कि इसके पीछे की सच्चाई आपके होश उड़ा देगी.

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रंग सभी को अच्छे लगते हैं, रंग-बिरंगे घर, इमारतें हर किसी को अपनी ओर आकर्षित करती हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया में एक शहर ऐसा भी है जहां हर चीज सिर्फ सफेद रंग की है. इस शहर को रंगीन कपड़े या रंगीन गाड़ियां नहीं भाती. जी हां, हम बात कर रहे हैं तुर्कमेनिस्तान की राजधानी अश्गाबात की जिसे व्हाइट मार्बल सिटी के नाम से जाना जाता है. यहां हर इमारत सफेद संगमरमर से बनी है. ये कोई आम बात नहीं, बल्कि यहां के नियम और कानून का हिस्सा है.

व्हाइट मार्बल सिटी क्यों कहलाता है अश्गाबात?


अश्गाबात में जहां तक नजर जाए वहां सिर्फ सफेद रंग दिखाई देता है. यहां की हर बिल्डिंग, सड़क, फुटपाथ, बस स्टॉप हर चीज पर सफेद रंग की चादर चढ़ी है. जब सूरज की रोशनी इन संगमरमर की इमारतों पर पड़ती है तो ये किसी अजूबे से कम नहीं लगता. शहर की दमक से आंखें चमक उठती हैं. अश्गाबात का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल है.

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क्या है अश्गाबात का इतिहास?


साल 2000 के बाद जब अश्गाबात ने खुद को सोवियत संघ के पुराने ढांचे से बाहर निकाला, तब यहां के तत्कालीन राष्ट्रपति ने शहर को सफेद संगमरमर से ढकने की ठान ली. 550 से ज्यादा नई इमारतें बनवाई गई, जिनमें व्हाइट मार्बल का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल हुआ.

अश्गाबात का सबसे कड़ा नियम


सबसे हैरान कर देने वाली बात ये है कि अश्गाबात की सड़कों पर सिर्फ सफेद रंग की कार ही चल सकती है. अगर कोई रंग-बिरंगी गाड़ी लेकर सड़क पर निकले तो तुर्कमेनिस्तान पुलिस उसे तुरंत जब्त कर लेती है और भारी जुर्माना लगाती है. कहा जाता है कि कार को तब तक नहीं छोड़ा जाता जब तक उसका मालिक गाड़ी का रंग सफेद ना करवा ले. इस नियम की शुरुआत साल 2018 में तत्कालीन राष्ट्रपति गुरबांगुली बेर्दीमुखामेदोव ने की थी. कहा जाता है कि उन्हें सफेद रंग बेहद पसंद था. राष्ट्रपति ने पहले अपना शौक पूरा करने के लिए पूरे शहर को सफेद रंग में रंग दिया जो कि बाद में सरकारी नियम बन गया.

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अश्गाबात में और क्या है खास?


सफेद संगमरमर के अलावा, अश्गाबात कई और चीजों के लिए भी फेमस है. यहां पर दुनिया का सबसे ऊंचा 133 मीटर का फ्लैगपोल मौजूद है. अश्गाबात में बड़ा इनडोर फेरिस व्हील भी है, जिसका ढांचा भी सफेद मार्बल से बना हुआ है.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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