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UP Foundation Day : दो राज्यों में बंटा हुआ है यूपी का ये जिला, कैसे काम करती है पुलिस?

UP Foundation Day : 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस है। क्या आपको पता है कि एक ऐसा भी जिला इस प्रदेश में हैं, जो दो राज्यों में फैला हुआ है?

UP Foundation Day : 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस है। इस मौके पर प्रदेश भर के हर जिले में कार्यक्रम आयोजित किए जाने हैं। 2017 में स्थापना दिवस मनाए जाने का ऐलान किया गया था और साल 2018 में पहली बार स्थापना दिवस मनाया गया था। उस समय उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ थे और राज्यपाल राम नाईक थे। आज हम आपको उत्तर प्रदेश के एक ऐसे जिले के बारे में बताने जा रहे हैं, जो दो राज्यों में आता है। आमतौर पर हर प्रदेश में जिले की सीमाएं निश्चित होती हैं, जिससे प्रशासनिक कार्य करने में आसानी होती है। हालांकि देश में एक ऐसा भी जिला है जो दो राज्यों में है। दो राज्यों में होने की वजह से इस जिले में प्रशासनिक कार्य में कई तरह की दिक्कतें भी आती हैं। दोनों राज्यों की पुलिस में भी सीमा विवाद को लेकर तकरार होती रही है। ये जिला उत्तर प्रदेश का चित्रकूट है। इस जिले का अधिकतर हिस्सा उत्तर प्रदेश में आता है और कुछ हिस्सा ऐसा है जो मध्य प्रदेश में आता है। इसी कारण यह जिला बेहद खास हो जाता है। जिले की चार तहसीलें- कर्वी, राजापुर, मऊ और मानकपुर उत्तर प्रदेश में आती हैं। इसके अलावा चित्रकूट नगर मध्य प्रदेश के सतना जिले में आता है। यह भी पढ़ें : Mahakumbh 2025 के अद्भुत बाबा, किसी ने पहना 4 किलो सोना तो कोई कांटों पर लेटा

कैसे होता है शासन?

बताया जाता है कि जब दोनों प्रदेश में अलग-अलग पार्टी की सरकारें थीं तब कभी कभी तनाव की स्थिति पैदा होती थी। फिलहाल दोनों प्रदेश में भाजपा की सरकार है तो स्थिति सामान्य है। यह जिला उत्तरी विंध्य पर्वत श्रृंखला में स्थित है, जो दोनों राज्यों की सीमाओं में फैली हुई है। सरकारी वेबसाइट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में चित्रकूट जिले की स्थापना 4 सितंबर, 1998 को हुई थी। यह भी पढ़ें : कब इलाहाबाद से लखनऊ बनी उत्तर प्रदेश की राजधानी? UP की दिलचस्प कहानी चित्रकूट जिला हिंदू मान्यताओं के अनुसार काफी महत्वपूर्ण है। माना जाता है कि भगवान राम ने सीता और लक्ष्मण के साथ अपने चौदह वर्ष के वनवास के साढ़े ग्यारह वर्ष इसी क्षेत्र में बिताए थे। यह भी कहा जाता है कि जब प्रभु राम ने अपने पिता का श्राद्ध समारोह किया तो सभी देवी-देवता शुद्धि भोज में भाग लेने चित्रकूट आए थे। ऐसे में इस जगह की धार्मिक मान्यताएं भी अधिक हैं।


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