दुनिया में 195 देश हैं और हर जगह की अपनी अलग पहचान है. इन्हीं में एक जगह ऐसी भी है जहां न तो किसी बच्चे को जन्म लेने की इजाजत है और न ही किसी व्यक्ति को मरने की. यह सुनकर हैरानी होना स्वाभाविक है लेकिन यह सच है. यह गांव लोगों की सोच से बिल्कुल अलग नियमों के साथ चलता है. यहां की व्यवस्था और जीवनशैली दुनिया के बाकी हिस्सों से काफी अलग मानी जाती है. यही वजह है कि यह जगह अक्सर चर्चा में रहती है.
कहां स्थित है यह अनोखी जगह?
नॉर्थ पोल से करीब 1300 किलोमीटर दूर स्वालबार्ड नाम का एक नॉर्वेजियन द्वीपसमूह है. यह जगह नॉर्वे का हिस्सा है लेकिन यहां जाना बिना वीजा के संभव है. हाल ही में ट्रैवल इंफ्लुएंसर राधिका नोमलर्स ने यहां की यात्रा के अनुभव सोशल मीडिया पर साझा किए. उन्होंने बताया कि यहां आना आसान है लेकिन यहां बच्चे को जन्म देना और किसी का मरना लगभग नामुमकिन है. यही बात इस जगह को दुनिया के सबसे अजीब गांवों में शामिल करती है.
---विज्ञापन---
यह भी पढ़ें: Viral Video: मेंढक की तरह हो गया शख्स का चेहरा, चौंका देगा चीन का ये वायरल वीडियो
---विज्ञापन---
जन्म और मौत पर क्यों है पाबंदी?
राधिका के अनुसार स्वालबार्ड में कोई अस्पताल नहीं है और यहां भीषण ठंड रहती है. यहां की जमीन पर्माफ्रॉस्ट है यानी साल भर जमी रहती है. इसकी वजह से यहां दफन किए गए शव सड़ते नहीं हैं. पहले इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं पैदा हुई थीं. इसी कारण यहां दफनाने पर रोक लगा दी गई. अगर कोई व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो जाए या बहुत बूढ़ा हो जाए तो उसे द्वीप छोड़कर नॉर्वे के मेन लैंड जाना पड़ता है. गर्भवती महिलाओं को भी डिलीवरी से पहले यहां से भेज दिया जाता है क्योंकि यहां उन्नत मेडिकल सुविधाएं नहीं हैं. यहां कोई रिटायरमेंट होम भी नहीं है.
24 घंटे दिन रात और अनोखी जिंदगी
स्वालबार्ड को मिडनाइट सन की धरती भी कहा जाता है. सर्दियों में यहां कई महीनों तक सूरज नहीं निकलता और गर्मियों में सूरज डूबता ही नहीं. यहां दुनिया के अंत के लिए एक सीड वॉल्ट भी बना है जो प्राकृतिक आपदा और जलवायु बदलाव से बीजों को सुरक्षित रखता है. यहां करीब 2500 से 3000 लोग रहते हैं और पचास से ज्यादा देशों के नागरिक एक साथ बिना वीजा के रहते हैं. पोलर बीयर की संख्या इंसानों से ज्यादा है इसलिए बिना राइफल बाहर निकलना गैरकानूनी है. यहां अपराध बहुत कम होते हैं और लोग दरवाजे तक बंद नहीं करते. अजीब नियमों के बावजूद यही खासियत इस गांव को दुनिया में सबसे अलग बनाती है.