TrendingDonald TrumpBMCiran

---विज्ञापन---

मात्र एक रुपये में यहां मिलता है VIP रूम, सुविधा ऐसी कि फेल हो जाएं अच्छे-अच्छे होटल

Rajasthan News : एक तरफ जहां होटल में रहने के लिए हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं तो वहीं दूसरी तरफ भारत के इस क्षेत्र में महज एक रुपये में रुकनी की अच्छी व्यवस्था मिल रही है।

Rajasthan News :  आज के समय में किसी भी शहर में घूमने या किसी काम से जाने पर होटल में रुकने पर भारी भरकम किराया चुकाना पड़ता है। कई जगहों पर लोगों को मजबूरी में हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां महज एक रुपये में VIP जगह में रुकने की व्यवस्था मिल सकती है। इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में बताया गया है कि राजस्थान में एक ऐसी जगह है, जहां पर मात्र एक रुपये में रुकने की उच्च व्यवस्था है। वीडियो में बताया गया ये जगह राजस्थान के नागौर में स्थित है। ये रूम आपको विश्व स्तरीय गौ चिकित्सालय में मौजूद है। बताया गया कि यहां रुकने के लिए मात्र एक रुपये की फीस है। एक रुपये में तीन लोगों के रुकने के लिए एक रूम मिलता है, जिसमें एक डबल बेड और एक सिंगल बेड होता है। कमरे में अच्छी साफ सफाई होती है। इसके साथ ही साफ सुथरा बाथरूम है। इस बाथरूम में गीजर भी लगा हुआ है, जहां से गर्म पानी मिलता है। एक साफ तौलिया और साबुन भी दिया जाता है। कह सकते हैं कि अच्छे-अच्छे होटलों जैसी व्यवस्था महज एक रुपये में मिल जाती है। यह गौशाला कुशाल गिरी महाराज की है। यहां गायों का इलाज किया जाता है। बताया गया कि विश्व स्तरीय गौ चिकित्सालय (गौ लोक महातीर्थ) द्वारा आस पास के लगभग 350 कि.मी. वृतक्षेत्र में राजस्थान के बारह जिलों से बीमार, दुर्घटनाग्रस्त व पीडाग्रस्त हजारों गौवंशका इलाज किया जाता है। वहीं वो गौवंश जो कुपोषण के शिकार, अपंग, अंधे या किसी रोग से ग्रस्त हैं, उनकी सेवा (गौ लोक महातीर्थ) द्वारा की जाती है। यह भी पढ़ें : Google Maps ने शॉर्टकट के चक्कर में दिया धोखा, जाना था नेपाल, पहुंच गए बरेली गौ लोक महातीर्थ वेबसाइट के अनुसार, लावारिस पीड़ाग्रस्त गोवंश को लाने के लिए यहां 18 पशु एम्बुलेन्स हैं। जिस स्थान से दुर्घटनाग्रस्त गोवंश लाये जाते हैं। इलाज के बाद उन्हें उसी स्थान पर छोड़ दिया जाता है। मालिक अपने घरेलू बीमार गोवंश लेकर आते हैं तो उनको एक बीमार गोवंश के बदले में एक स्वस्थ गोवंश दिया जाता है। इतना ही नहीं, गौशालाओं से एक बीमार गोवंश लेकर आते हैं तो उनको भी एक बीमार के बदले में एक स्वस्थ गोवंश दिया जाता है।


Topics:

---विज्ञापन---