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यीडा सिटी में हाई स्पीड में दौड़ेगा उद्योग का पहिया, दिसंबर 2026 तक सभी इकाइयों को चालू करने का लक्ष्य

Greater Noida News: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अपने औद्योगिक सेक्टरों में ठप पड़ी निर्माण गतिविधियों को शुरू करने का निर्णय लिया है. औद्योगिक पार्कों में भूखंड आवंटन के बावजूद इकाइयों की स्थापना में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए सीईओ राकेश कुमार सिंह ने पांच नोडल अफसरों की नियुक्ति की है.

Greater Noida News: यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने अपने औद्योगिक सेक्टरों में ठप पड़ी निर्माण गतिविधियों को शुरू करने का निर्णय लिया है. औद्योगिक पार्कों में भूखंड आवंटन के बावजूद इकाइयों की स्थापना में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए सीईओ राकेश कुमार सिंह ने पांच नोडल अफसरों की नियुक्ति की है. इन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है कि वे जमीन क्रय, लीज प्लान जारी करने, आवंटियों से समन्वय और निर्माण कार्यों की बाधाएं दूर करने का काम करेंगे. सीईओ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर पंद्रह दिन में प्रगति की समीक्षा की जाएगी और दिसंबर 2026 तक सभी आवंटित भूखंडों पर इकाइयां शुरू की जाएंगी.

1065 भूखंडों में सिर्फ एक पार्क में इकाई संचालित

यीडा ने अब तक अपैरल पार्क, टॉय पार्क, एमएसएमई, मेडिकल डिवाइस पार्क और हैंडीक्राफ्ट पार्क में कुल 1065 औद्योगिक भूखंडों का आवंटन किया है. अधिकांश भूखंडों पर कब्जा दिया जा चुका है, लेकिन निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी है. मेडिकल डिवाइस पार्क को छोड़ दें तो बाकी सभी औद्योगिक पार्कों में एक भी इकाई अभी तक शुरू नहीं हो पाई है. आवंटी सुविधाओं की कमी, बिजली-सड़क की दिक्कत और बुनियादी ढांचे की धीमी प्रगति का हवाला देकर काम शुरू करने से बच रहे हैं.

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नई भूखंड योजना पर भी पड़ा असर

औद्योगिक सेक्टरों में बची हुई जमीन की खरीद न होने से यीडा नई औद्योगिक भूखंड योजना भी लॉन्च नहीं कर पा रहा है. निवेश की संभावनाओं के बावजूद कई सेक्टर खाली पड़े हैं. इससे रोजगार की प्रक्रिया धीमी हुई है, प्रदेश के निवेश माहौल पर भी असर पड़ा है.

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इन्वेस्ट यूपी सर्वे में यीडा की स्थिति सबसे खराब

इन्वेस्ट यूपी द्वारा हाल ही में किए गए सर्वे में प्रदेश के औद्योगिक विकास प्राधिकरणों की कार्यप्रगति का मूल्यांकन किया गया. रिपोर्ट के मुताबिक यीडा की स्थिति सबसे कमजोर पाई गई. यीडा के कुल 3476 औद्योगिक भूखंडों में से 3264 अभी भी रिक्त हैं.

दिसंबर 2026 तक का है लक्ष्य

यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि हमारा लक्ष्य है कि दिसंबर 2026 तक सभी आवंटित भूखंडों पर इकाइयां चालू हों. हर पंद्रह दिन में प्रगति की समीक्षा की जाएगी. निवेशकों को हर संभव सुविधा और सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा.

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