Sadhvi Prem Baisa: साध्वी प्रेम बाईसा की आश्रम में संदिग्ध हालत में मौत हो गई. उन्हें आश्रम गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था. जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया गया. साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का कारण सामने नहीं आया है. हैरानी की बात यह है कि, उनकी मौत के करीब 4 घंटे बाद उनके इंस्टाग्राम से पोस्ट हुआ है जिसमें न्याय की उम्मीद की बात की गई है. साध्वी प्रेम बाईसा कौन थी और उनकी मौत के बाद सोशल मीडिया पर क्या पोस्ट हुआ इसके बारे में जानते हैं.
कौन थी साध्वी प्रेम बाईसा?
साध्वी प्रेम बाईसा का संबंध मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के परेऊ गांव से है. वह लंबे समय से संत पंरपरा में सक्रिय रही थीं. उन्हें राजस्थान में कथावाचक और भजन गायक के रूप में पहचान मिली. उनके पिता वीरमनाथ है वह उनकी ही शिष्या थी. साध्वी प्रेम बाईसा महंत वीरमनाथ के साथ आश्रम में रहकर धार्मिक कार्य में सक्रिय रहती थीं. साध्वी प्रेम बाईसा को जोधपुर, बाड़मेर और आसपास के क्षेत्र में अच्छी खासी पहचान मिली हुई थी. वह लंबे समय से बाल साध्वी के रूप में जानी जाती थीं.
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वायरल वीडियो से उठे थे सवाल
खबरों के मुताबिक, जुलाई 2025 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था. इसमें साध्वी प्रेम बाईसा एक व्यक्ति के साथ कमरे में नजर आती हैं. एक महिला कंबल लेकर आती है और साध्वी व्यक्ति को स्नेहपूर्ण तरीके से गले लगाती हैं. इस वीडियो को करीब 3 साल पुराना बताया गया था और इसे एडिट करके गलत संदर्भ में पेश किया गया था. उन्होंने बाद में बताया था कि. वीडियो में वह शख्स उनके पिता वीरमनाथ थे. वह भावुक होकर उनसे गले मिल रही थीं. इसके बाद वीडियो को काट-छांट कर पिता-पुत्री के रिश्ते पर सवाल उठाए गए थे. साध्वी ने इसे साजिश करार दिया था.
मौत के बाद आखिरी पोस्ट वायरल
साध्वी प्रेम बाईसा की मृत्यु के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट हुआ है जिसमें न्याय की उम्मीद की बात कही गई है. इस पोस्ट में साध्वी प्रेम बाईसा ने दुनिया को अलविदा करने और न्याय की उम्मीद की है. इसके अंत में लिखा है. "मेरे जीते जी नहीं तो जाने के बाद तो न्याय मिलेगा" बता दें कि, साध्वी प्रेम बाईसा ने इसको लेकर जोधपुर के बोरानाडा थाने में शिकायत दर्ज कराई थी. वीडियो वायरल करने से पहले आरोपियों ने 20 लाख रुपये की मांग की थी. उन्होंने मना किया तो वीडियो वायरल कर दिया.