Who is Humayun Kabir: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के विधायक हुमायूं कबीर इससे पहले कांग्रेस, भाजपा, समाजवादी पार्टी में रह चुके हैं. एक बार तो निर्दलीय चुनाव लड़कर भी हारे थे. पश्चिम बंगाल की राजनीति में हुमायूं कबीर पुराना और मशहूर नाम हैं. बाबरी मस्जिद को मुर्शिदाबाद में बनाने का ऐलान करने पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनसे इतनी नाराज हुईं कि उन्हें 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया है. 26 साल के करियर में हुमायूं कबीर कई बार अपनी राजनीतिक पार्टी बदल चुके हैं, इससे पहले 2015 में भी हुमायूं कबीर टीएमसी से सस्पेंड हो चुके हैं.
कौन है टीएमसी से निकाले गए विधायक हुमायूं कबीर?
पश्चिम बंगाल की बेलडांगा सीट से विधायक हुमायूं कबीर ने राजनीति 1993 में कांग्रेस के साथ शुरू की थी. कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के करीबी माने जाने वाले हुमायूं कबीर ने पहली बार कांग्रेस में रहते ही पंचायत चुनाव में अपना नसीब आजमाया था. विधानसभा चुनाव भी पहला 2011 में कांग्रेस में रहते हुए ही लड़ा और जीते. एक साल में ही उनका कांग्रेस से मन भर गया और नवंबर 2012 में हुमायूं कबीर तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए. तृणमूल कांग्रेस में हुमायूं कबीर को मंत्री बनाया गया. मंत्री बने रहने के लिए जरूरी चुनाव जीतने की शर्त पूरी करने के लिए रेजिनानगर विधानसभा उपचुनाव में उतरे, लेकिन हार गए, इसलिए मंत्रीपद भी गंवाना पड़ा.
यह भी पढ़ें: TMC ने हुमायूं कबीर को किया सस्पेंड, बाबरी मस्जिद को मुर्शिदाबाद में बनाने का किया था ऐलान
ममता बनर्जी पर हुमायूं कबीर ने पहले भी उठाए सवाल
हुमायूं कबीर ने पहले भी 2015 में तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी पर परिवारवाद को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे. आरोप भतीजे अभिषेक बनर्जी को लेकर लगाए गए थे कि ममता बनर्जी उन्हें पार्टी में राजा की हैसियत दिलाने की कोशिश कर रहे हैं. हुमायूं कबीर की यह हरकत ममता बनर्जी को नागवार गुजरी थी और हुमायूं कबीर को छह साल के लिए तृणमूल कांग्रेस से निकाल दिया गया था. इसके बाद हुमायूं कबीर ने समाजवादी पार्टी ज्वाइन की. निर्दलीय की टिकट पर 2016 के विधानसभा चुनाव में उतरे, हार के बाद दोबारा कांग्रेस में लौट आए. वहां भी ज्यादा देर तक नहीं रुके और 2018 में भाजपा में शामिल हो गए. तृणमूल कांग्रेस में दोबारा 2020 में आए थे.
यह भी पढ़ें: अलविदा स्वराज कौशल : जॉर्ज फर्नांडीस के केस ने दिलाई थी फेम, सबसे कम उम्र के बने थे राज्यपाल
संबंधित खबरें
चावल के दाने पर मां दुर्गा की तस्वीर, छोटन का विश्व रिकॉर्ड का सपना
1 day agoबंगाल: कांग्रेस-ममता को झटका, उपचुनाव में नंदीग्राम-रेजीनगर सीट BJP के नाम
2 days agoTMC के 10 बागी सांसद कहां हुए गायब? ओम बिरला के नोटिस का नहीं दिया जवाब
2 days agoउपचुनाव: नंदीग्राम सीट पर हसी रानी की जीत, सीएम सुवेंदु ने दी बधाई
2 days agoयूपी-बिहार से लेकर केरल तक बारिश का अलर्ट, इन राज्यों में आंधी की चेतावनी
3 days agoरोहित नोनिया के नाम से वायरल 'इनामी' पोस्टर ने मचाई हलचल
4 days agoबंगाल सरकार में मिथुन चक्रवर्ती को बड़ी जिम्मेदारी, मिला कैबिनेट रैंक
4 days agoक्या राजनीति को अलविदा कहने वाले हैं हुमायूं कबीर? आखिर क्यों छलके आंसू
4 days agoउपचुनाव 2026: 4 राज्यों की 6 सीटों पर वोटिंग खत्म, जानें कहां-कितना मतदान?
5 days agoहुमायूं कबीर पर एक्शन, उपचुनाव के बीच गिरफ्तार हुए AJUP विधायक
5 days agoन्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।
First published on:
Know More: Editorial Guidelines