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राजनीति के लिए छोड़ी नौकरी, मायावती ने दिखाया BSP से बाहर का रास्ता; कौन हैं अशोक सिद्धार्थ?

Who is Ashok Siddharth: अशोक सिद्धार्थ को मायावती ने बहुजन समाज पार्टी से निकाल दिया है। उनकी गिनती मायावती के करीबियों में होती थी। उनके पिता कांशीराम के नजदीकी माने जाते थे। अशोक सिद्धार्थ के बारे में जानते हैं।

Uttar Pradesh News: बहुजन समाज पार्टी (BSP) की सुप्रीमो मायावती ने पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर निकाल दिया है। वे उनके भतीजे आकाश आनंद के ससुर हैं। सिद्धार्थ की बेटी डॉक्टर हैं, जिनकी आकाश के साथ शादी हुई है। सिद्धार्थ के पिता बसपा के संस्थापक कांशीराम के करीबी रहे हैं। यूपी की पूर्व सीएम मायावती के एक्शन के बाद बीएसपी में हड़कंप का माहौल है। मायावती इससे पहले भी कड़े फैसले लेती रही हैं, भले ही चुनाव दर चुनाव बसपा का वोट बैंक सिमटता जा रहा हो। सिद्धार्थ के खिलाफ पार्टी में गुटबाजी में शामिल होने की चर्चाएं थीं, जिसके बाद अब मायावती ने कड़ा फैसला लिया है। सिद्धार्थ बीएसपी के वरिष्ठ नेता माने जाते थे, जो राज्यसभा सदस्य भी रहे हैं। यह भी पढ़ें:पत्नी की सहमति के बिना अप्राकृतिक संबंध बनाना अपराध है या नहीं, जानें छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट का फैसला पार्टी में लगातार उनका कद बढ़ता जा रहा था। उन्होंने एमएलसी बनकर राजनीति की शुरुआत की थी। उनका जन्म 5 फरवरी 1965 को हुआ था। वे फर्रुखाबाद के कायमगंज के रहने वाले हैं। अशोक सिद्धार्थ को बसपा सुप्रीमो मायावती का काफी करीबी और खास माना जाता था। सूत्रों के मुताबिक राजनीति में आने से पहले वे सरकारी नौकरी करते थे, लेकिन मायवती के कहने पर राजनीति में आए। सरकारी नौकरी को छोड़कर उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी।

नितिन सिंह पर भी एक्शन

उनके पास बसपा के दक्षिणी राज्यों का प्रभार था। उनके अलावा पार्टी ने पूर्व सांसद नितिन सिंह पर भी कार्रवाई की है। उनको भी निष्कासित कर दिया गया है। नितिन सिंह मेरठ से सांसद रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक दोनों नेताओं के खिलाफ मायावती को गुटबाजी में शामिल होने की शिकायतें मिली थीं। चेतावनी के बावजूद दोनों नेता गुटबाजी में शामिल रहे। इसी वजह से निष्कासन का फैसला लिया गया है। यह भी पढ़ें:जिस शावेज खान की पुलिस को तलाश, उसका वीडियो आया सामने; लगाए ये आरोप सिद्धार्थ नौकरी के दौरान बामसेफ (अखिल भारतीय पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक समुदाय कर्मचारी महासंघ) से भी जुड़े रहे हैं। उन्होंने बामसेफ में जिले से लेकर विधानसभा और मंडल अध्यक्ष के पद की जिम्मेदारी भी संभाली है। बसपा में शामिल होने के बाद अशोक MLC बने। इसके बाद राज्यसभा सदस्य के तौर पर भी निर्वाचित हुए। बसपा ने 2009 में उनको विधान परिषद भेजा था। इसके बाद 2016 से लेकर 2022 तक राज्यसभा का सदस्य बनाया। अशोक सिद्धार्थ आगरा-कानपुर जोनल कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

5 राज्यों के रह चुके प्रभारी

पार्टी के राष्ट्रीय सचिव के अलावा उनको 5 राज्यों का प्रभारी भी बनाया जा चुका था। बसपा की सरकार के दौरान उनकी वाइफ राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष रह चुकी हैं। मायावती ने अपने बड़े भतीजे आकाश आनंद की शादी मार्च 2023 में पूर्व बीएसपी सांसद की बेटी प्रज्ञा सिद्धार्थ से गुरुग्राम में की थी। अशोक सिद्धार्थ मायावती के भाई आनंद कुमार के करीबी दोस्त माने जाते हैं। इसी वजह से पार्टी के कद्दावर नेता सतीश चंद्र मिश्र के साथ उन्हें राज्यसभा भेजा गया था। अशोक सिद्धार्थ दलित समुदाय से संबंध रखते हैं। वे पेशे से डॉक्टर भी रहे हैं, जो बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएट हैं। महारानी लक्ष्मीबाई कॉलेज से नेत्र रोग विशेषज्ञ की डिग्री ले चुके हैं।


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