पुलिस का इससे ज्यादा अमानवीय चेहरा और क्या होगा कि पुलिस रेप पीड़ित एक बच्ची का शव लेकर भाग जाए, ये खबर हैरत में इसलिए भी डालती है क्योंकि पुलिस को बच्ची का पोस्टमार्टम कराना था तो उसे पहले परिजनों को विश्वास में लेना चाहिए था किसी की बच्ची का शव जबरन लेकर भाग जाने का अधिकार उसे किसने दिया, एक तरफ कानपुर पुलिस से कानून व्यवस्था संभल नहीं रही है और उस पर पुलिसिंग के सामान्य तौर तरीकों का भी इसे जरा सा अंदाजा नहीं है, ऐसे में जब पुलिस बच्ची का शव लेकर भागी तो भीड़ ने उसे दौड़ा लिया, अब आपको पूरी घटना बताते है.
दरअसल कानपुर के बिधनू थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 वर्षीय बच्ची का शव खेत में दबा मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई. बच्ची सोमवार शाम बकरी चराने गई थी, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटी. परिजनों ने रातभर तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. मंगलवार सुबह दोबारा खोजबीन के दौरान खेत में ताज़ा खुदी मिट्टी देखकर शक हुआ. मिट्टी हटाने पर बच्ची का शव मिला.
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सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम के साथ जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. शुरुआती तौर पर गला दबाकर हत्या की आशंका जताई जा रही है. दुष्कर्म की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी.
परिजनों ने पड़ोस के एक युवक पर गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है. कुछ समय के लिए स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी, जिसे बाद में संभाल लिया गया. एहतियात के तौर पर इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है. पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
बहरहाल पुलिस के इस रवैये से आम लोगों में गहरी नाराजगी है और सवाल ये उठ रहे है कि आखिर कानपुर पुलिस को पुलिसिंग के तौर तरीके कौन सिखाएगा.
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