उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP बोर्ड) ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है. शैक्षणिक सत्र 2026 से कक्षा 9 और 11 के सभी विद्यार्थियों के लिए व्यावसायिक शिक्षा यानी वोकेशनल ट्रेनिंग को अनिवार्य कर दिया गया है. इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य स्कूल की पढ़ाई को सीधे रोजगार के अवसरों से जोड़ना है. बोर्ड का मानना है कि इस बदलाव से छात्र न केवल किताबी ज्ञान हासिल करेंगे बल्कि उनमें ऐसी स्किल भी विकसित होगी जो भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगी. अब छात्र अपनी नियमित पढ़ाई के साथ-साथ प्रोफेशनल कोर्सेज का अनुभव भी ले सकेंगे.
मिलेगी ट्रेनिंग और बढ़ेंगे नौकरी के बेहतर मौके
इस योजना के तहत छात्रों को आज की आधुनिक जरूरतों के हिसाब से कई तरह के ट्रेडों में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी. इसमें सूचना प्रौद्योगिकी (IT) और उससे जुड़े क्षेत्र, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान यानी गारमेंट मेकिंग, ब्यूटी और वेलनेस जैसे विषय शामिल किए गए हैं. बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इन विषयों का पाठ्यक्रम पूरी तरह से इंडस्ट्री की उम्मीदों और नई टेक्नोलॉजी को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. इससे छात्रों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें नौकरी मिलने में आसानी होगी. यह कदम छात्रों को केवल डिग्री धारक बनाने के बजाय उन्हें पेशेवर तौर पर कुशल बनाने की दिशा में उठाया गया है.
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तैयार हुआ स्किल बेस्ड पाठ्यक्रम
यूपी बोर्ड ने यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए किया है. सचिव भगवती सिंह के अनुसार विषय विशेषज्ञों की समितियों ने गहन मंथन के बाद इन व्यावसायिक ट्रेडों के सिलेबस को मंजूरी दी है. इस पूरी प्रक्रिया में अपर सचिव सत्येंद्र कुमार सिंह और स्कंद शुक्ला का विशेष मार्गदर्शन रहा है. पाठ्यक्रम में प्रैक्टिकल और जॉब ओरिएंटेड कंटेंट पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है ताकि छात्रों में संबंधित क्षेत्र की बारीकियों को समझने की क्षमता पैदा हो. भोपाल स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एजुकेशन (CIVE) ने भी इस कोर्स को डिजाइन करने में बोर्ड का पूरा सहयोग किया है.
आत्मनिर्भर भारत की ओर एक सार्थक कदम
इस महत्वपूर्ण पहल को सफल बनाने में संजीव कुमार आर्य, डॉ अदिति गोस्वामी और डॉ अविनाश पांडे जैसे कई विशेषज्ञों ने अपना योगदान दिया है. बोर्ड का कहना है कि अभी कुछ ही ट्रेड शुरू किए गए हैं लेकिन आने वाले समय में अन्य व्यावसायिक विषयों को भी इसमें शामिल करने पर काम चल रहा है. इस बदलाव से उत्तर प्रदेश के लाखों छात्रों को फायदा होगा क्योंकि वे अब भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए पहले से ज्यादा तैयार होंगे. भगवती सिंह ने इसे एक सार्थक कदम बताते हुए कहा कि व्यावहारिक ज्ञान ही आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है और यूपी बोर्ड अपने छात्रों को वही प्रदान करने की कोशिश कर रहा है.
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