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महाकुंभ में आई थाईलैंड की महिला शिवभक्ति में डूबी, बोली-सबसे शक्तिशाली हैं महादेव

Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंची थाईलैंड की महिला अब महादेव की भक्ति में लीन हो गई है। महिला अब शिव अराधना और पूजा पाठ में लगी हुई है।

Mahakumbh 2025 : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में देश ही नहीं, दुनिया से आए लोग शामिल हुए, कई लोगों ने इसी दौरान हिंदू धर्म अपनाया। महाकुंभ के खत्म हो जाने के बाद लगभग सभी अपने-अपने घर लौट चुके हैं, लेकिन थाईलैंड की एक महिला वापस नहीं गई, बल्कि अब वह शिवभक्ति में लीन हो गई है। महिला का कहना है कि भगवान महादेव सबसे शक्तिशाली हैं। 45 दिन तक महाकुंभ में रहने के बाद थाईलैंड की महिला यंत्रवी ने अब होली तक काशी में रहने का फैसला किया है और इस दौरान वह भगवान शिव की पूजा करेंगी और सनातन धर्म का प्रचार-प्रसार करने वाली हैं। यंत्रवी का कहना है कि "मैंने सिर्फ थाईलैंड और सिंगापुर ही नहीं, बल्कि कई देशों की यात्रा की है। कुल मिलाकर करीब 20 देशों में जा चुकी हूं। भगवान कभी बोलते नहीं हैं, लेकिन वे हमेशा स्वागत करते हैं। अगर आप अपने दिल में विश्वास रखते हैं और सम्मान दिखाते हैं, तो आपका हमेशा स्वागत है।"

क्या बोले मंदिर के पुजारी?

महिला ने आगे कहा कि "शिव एक शक्तिशाली देवता हैं, आप उनसे जो भी मांगते हैं, वे बिना कुछ लिए देते हैं। यह मेरी मान्यता है।" वहीं, वाराणसी के जिस मंदिर में रहकर थाईलैंड की महिला पूजा-पाठ करने वाली हैं, उस मंदिर के मुख्य पुजारी सुनील उपाध्याय का कहना है कि "यह मंदिर मूल रूप से काशी का भाई काशी खान के नाम से जाना जाता था और यह एक प्राचीन मंदिर है, जो लगभग 300 से 400 साल पुराना है। यह पंचमेश्वर महादेव मंदिर है, जहाँ नियमित पूजा के साथ-साथ हर शिवरात्रि और सावन महीने के हर सोमवार को विशेष रुद्राभिषेक किया जाता है।"

पीएम मोदी के कारण सनातन परंपरा को मिली प्रमुखता

उन्होंने बताया कि "कुछ दिन पहले एक दर्शनार्थी ने मंदिर देखा और वह बहुत प्रभावित हुई। उसने यहां रुद्राभिषेक करने की इच्छा व्यक्त की क्योंकि वह लंबे समय से सनातन परंपराओं का पालन करती आ रही है। खासकर जब से पीएम मोदी प्रधानमंत्री बने हैं, तब से सनातन परंपरा को और भी अधिक प्रमुखता मिली है।"  


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